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इलाहाबाद संग्रहालय में दिव्यांग बच्चों के लिए तैयार की गई ‘अनुभव वीथिका’ का अवलोकन जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य और संजय श्रीनेत ने किया। इस दौरान उन्होंने वीथिका के उद्देश्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। वीथिका में देश के 11 प्रमुख विरासत स्थलों और 10 वन्यजीवों की विशेष प्रतिकृतियां लगाई गई हैं। इन्हें ब्रेल लिपि, ऑडियो उपकरण और स्पर्श तकनीक की मदद से तैयार किया गया है, ताकि दिव्यांग बच्चे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को आसानी से समझ और महसूस कर सकें। मंडलायुक्त एवं संग्रहालय निदेशक सौम्या अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संग्रहालय की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद संग्रहालय देश के प्रमुख संग्रहालयों में शामिल है, जहां स्वतंत्रता आंदोलन, साहित्य, कला और पुरातत्व से जुड़ी कई महत्वपूर्ण धरोहरें सुरक्षित हैं। इस अवसर पर स्वामी रामभद्राचार्य जी को संग्रहालय की ओर से 19वीं शताब्दी की राजस्थानी शैली में बनी ‘राम विवाह’ चित्रकला भेंट की गई। उन्होंने वीथिका में स्थापित श्रीराम मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृतियों को स्पर्श कर उनका अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहल दिव्यांग बच्चों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास है, जो उनके आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी को बढ़ाएगा। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग छात्र हिमांशु ने गायन प्रस्तुति दी, जिसकी संजय श्रीनेत ने प्रशंसा की। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजू मिश्रा ने किया। आयोजन में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और संग्रहालय प्रशासन के अधिकारियों का विशेष सहयोग रहा। गौरतलब है कि ‘अनुभव वीथिका’ का उद्घाटन 6 मई को आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया था और यह वीथिका 16 मई तक संचालित की जाएगी।
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प्रयागराज पहुंचे स्वामी रामभद्राचार्य और संजय श्रीनेत:दिव्यांग बच्चों के लिए बनी ‘अनुभव वीथिका’ का किया अवलोकन