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प्रयागराज के सुलेम सराय में सैकड़ों साल पुराना दधिकांदो मेला रविवार रात शुरू हुआ। ठाकुरद्वारा मंदिर में रात करीब 8 बजे भगवान श्रीकृष्ण और बलदाऊ की पूजा-आरती की गई। इसके बाद शंखनाद के बीच दोनों भगवान हाथी पर चांदी के हौदे में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। करीब 8 किलोमीटर लंबे मेला क्षेत्र में देर रात तक श्रद्धालुओं और शहर के लोगों की भीड़ लगी रही। शोभायात्रा में सबसे आगे ध्वजा-पताका, डीजे और बैंड चल रहे थे। इसके पीछे गणेश, हनुमान, विष्णु, दुर्गा और भगवान शंकर की झांकियां थीं। करीब 40 सदस्यों की धमाल पार्टी और ब्रास बैंड की धुनों से माहौल भक्तिमय बना रहा। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने भगवान के दर्शन किए और जयकारे लगाए। 22 से ज्यादा झांकियों ने खींचा ध्यान मेले में 25 से ज्यादा रोशनी कमेटियों ने रंग-बिरंगी आधुनिक लाइटों से पूरे क्षेत्र को रोशन किया। मेले का मुख्य आकर्षण 22 से ज्यादा झांकियां रहीं। इनमें कृष्ण लीला, राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती और कृष्ण-सुदामा संवाद से जुड़ी झांकियां शामिल थीं। सामाजिक भाईचारे और जागरूकता का संदेश देने वाली झांकियां भी निकाली गईं। कई झांकियों में कलाकारों ने राधा-कृष्ण की लीलाओं को नृत्य के जरिए प्रस्तुत किया। रास्ते में लोग रुककर प्रस्तुतियां देखते रहे। युवाओं और बच्चों ने मोबाइल से इन पलों को कैमरे में भी कैद किया। झूलों पर बारी का इंतजार करते रहे बच्चे देर रात तक मेला क्षेत्र में हजारों लोगों की भीड़ जमा रही। बच्चों और युवाओं के लिए लगाए गए अलग-अलग तरह के झूले आकर्षण का केंद्र रहे। झूलों पर बैठने के लिए लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। महिलाओं और परिवारों ने मेले में लगी दुकानों से कपड़े, श्रृंगार का सामान, खिलौने और घरेलू सामान खरीदे। खाने-पीने की दुकानों पर भी भीड़ रही। सुलेम सराय मेले के खास सोहन हलवा, खाजा और नानखटाई बिस्कुट भी लोगों को खूब पसंद आए। रात बढ़ने के साथ भीड़ बढ़ती गई। रोशनी से जगमगाती सड़कें, भगवान की झांकियां, बैंड की धुन और लोगों की चहल-पहल से पूरा सुलेम सराय उत्सव के रंग में नजर आया।
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प्रयागराज के सुलेम सराय में दधिकांदो मेला शुरू:हाथी पर चांदी के हौदे में निकले श्रीकृष्ण-बलदाऊ, 8 किमी क्षेत्र में सजा दधिकांदो मेला