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प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र के कछार इलाके में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बदरा सुनौटी गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया है। देर रात गंगा का पानी बढ़ने के बाद गांव की मुख्य सड़क और संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर सड़क पर कमर के ऊपर तक पानी बह रहा है। इसके चलते गांव का शहर और आसपास के कस्बों से संपर्क लगभग कट गया है। सड़क किनारे बने मकानों के निचले हिस्सों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बदरा सुनौटी जाने वाली मुख्य काली सड़क के साथ ही मुंशी के पुरवा समेत अन्य संपर्क मार्ग भी पानी में डूब गए हैं। ग्रामीणों को मजबूरी में इसी गहरे पानी के बीच से पैदल आवागमन करना पड़ रहा है। पानी का बहाव बढ़ने के कारण ग्रामीणों को आशंका है कि शाम तक इन रास्तों से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीण अजीत कुमार यादव ने बताया कि बाढ़ के कारण आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से खेतों में खड़ी फसलें भी नष्ट हो रही हैं। सबसे बड़ी चिंता बीमार और बुजुर्ग लोगों को लेकर है। यदि किसी की तबीयत खराब हो जाए तो उसे इलाज के लिए बाहर ले जाना मुश्किल होगा। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर जाना पड़ रहा है। आटा पिसवाने या अन्य जरूरी सामान लाने के लिए लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीण उमा ने भी बताया कि बाढ़ के कारण सड़क पूरी तरह प्रभावित हो गई है और फसलों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ग्रामीण किसी तरह आवागमन कर रहे हैं, लेकिन जलस्तर और बढ़ा तो शाम तक रास्ते से निकलना संभव नहीं होगा। ऐसी स्थिति में लोगों को आने-जाने के लिए दूसरा रास्ता तलाशना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से नाव या आवागमन के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नाव उपलब्ध कराने, जलभराव वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था करने और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने की मांग की है।
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प्रयागराज के बदरा सुनौटी गांव में घुसा बाढ़ का पानी:सड़कें डूबीं, फसलें बर्बाद; ग्रामीणों को नाव की सुविधा नहीं