![]()
चित्रकूट में भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण इलाकों में गहराते पेयजल संकट को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सीडीओ डीपी पाल की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में मानिकपुर तहसील की ग्राम पंचायतों की पेयजल व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को जलापूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई। सीडीओ ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े सभी हैंडपंपों को 24 घंटे के भीतर दुरुस्त किया जाए। उन्होंने रिबोर कार्यों में देरी पर नाराजगी जताते हुए पूछा कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद कार्य समय पर क्यों नहीं हो रहे हैं। अधिकारियों को जल संकट वाले गांवों में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति पाठा क्षेत्र की आठ चिन्हित ग्राम पंचायतों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति जारी रखने को कहा गया। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि प्रशासन के पास टैंकरों की कोई कमी नहीं है और आवश्यकता पड़ने पर किराए पर अतिरिक्त टैंकर लेकर भी पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। जिन गांवों में भूजल स्तर गिरने से हैंडपंप सूख चुके हैं, वहां नियमित टैंकर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रमुख बाजारों और चौराहों पर आम लोगों के लिए प्याऊ लगाने को भी कहा गया। बैठक में पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया कि वे जनता के फोन कॉल अनिवार्य रूप से रिसीव करें और शिकायतों का तत्काल निस्तारण करें। पेयजल समस्याओं की निगरानी के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि सूचनाएं तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सकें। आईजीआरएस रैंकिंग प्रभावित सीडीओ ने कहा कि पेयजल से जुड़ी शिकायतें सीधे कलक्ट्रेट तक पहुंच रही हैं, जिससे जिले की आईजीआरएस रैंकिंग प्रभावित हो रही है। उन्होंने ग्राम स्तर पर ही शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया। बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर करौंहा ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी, एसडीएम मानिकपुर, जल संस्थान के अधिकारी, ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव मौजूद रहे।
Source link
पेयजल संकट पर प्रशासन सख्त, टैंकरों से होगी नियमित जलापूर्ति:चित्रकूट CDO ने 24 घंटे में हैंडपंप दुरुस्त करने के दिए निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी