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पीलीभीत के मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को करीब 150 कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। मैनपावर सप्लाई करने वाली एजेंसी ‘बालाजी एंटरप्राइजेज’ पर तीन महीने से वेतन का भुगतान न करने का आरोप है। कर्मचारियों के अचानक काम बंद करने से अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद फर्म ने उनका बकाया मानदेय नहीं दिया, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने फर्म पर तय मानदेय से कम वेतन देने का भी आरोप लगाया। कर्मचारियों के अनुसार, लंबे समय से उनका ईएसआई और पीएफ भी खातों में जमा नहीं किया गया है। कई कर्मचारियों को काम करते हुए काफी समय हो गया है, लेकिन उन्हें अब तक जॉइनिंग लेटर नहीं मिला है। हंगामे की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और नाराज कर्मियों से बातचीत की। जांच-पड़ताल के दौरान यह भी सामने आया कि फर्म का कथित सुपरवाइजर धर्मेंद्र ही कर्मचारियों को कार्य बहिष्कार के लिए उकसा रहा था। प्राचार्य अमित कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि कॉलेज प्रशासन ने भुगतान के लिए फर्म से बिल मांगे थे, लेकिन एजेंसी ने अब तक बिल उपलब्ध नहीं कराए हैं। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि तय शर्तों के अनुसार, बजट न होने की स्थिति में भी फर्म को अपने पास से कर्मचारियों को वेतन देना अनिवार्य होता है। प्राचार्य ने मामले में कड़ी कार्रवाई और जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
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पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में 150 कर्मियों का कार्य बहिष्कार:3 महीने से वेतन न मिलने और ESI-PF धांधली के आरोप