पिता के कत्ल पर कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा:मां बोली- जिस बेटे ने मेरा सुहाग उजाड़ा, उसका चेहरा भी नहीं देखना चाहती


यूपी के बरेली में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक वारदात में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। नवाबगंज के इनायतपुर में महज ढाई बीघा जमीन के लालच में एक बेटे ने अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद की कोर्ट ने आरोपी बेटे छत्रपाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही कोर्ट ने दोषी पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। शराब के नशे में हंसिए से किया था हमला
यह खौफनाक वारदात 11 अप्रैल 2025 की शाम करीब 6 बजे हुई थी। 65 वर्षीय लालाराम जब घर पर थे, तभी उनका बेटा छत्रपाल खेत से काम करके लौटा। शराब के नशे में धुत छत्रपाल ने अपने पिता से हिस्से की ढाई बीघा जमीन मांगी। जब पिता ने इनकार किया, तो आवेश में आकर उसने पास रखे हंसिए से पिता की गर्दन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। लहूलुहान हालत में लालाराम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मां और भाई के सामने ही पिता का कत्ल
एडीजीसी दिगंबर पटेल ने बताया कि लालाराम के पास कुल 10 बीघा जमीन थी और उनके 4 बेटे थे। लालाराम चाहते थे कि परिवार एकजुट रहे, इसलिए वे बंटवारे के खिलाफ थे। इसी बात से नाराज होकर छत्रपाल आए दिन हंगामा करता था। हत्या के वक्त लालाराम की पत्नी रामदेई और छोटा बेटा ताराचंद वहीं मौजूद थे। पुलिस ने ताराचंद की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा था। 6 महीने के भीतर आया ऐतिहासिक फैसला
कानूनी प्रक्रिया में तेजी दिखाते हुए कोर्ट ने महज 5 से 6 महीने के भीतर फैसला सुना दिया। मामले में कुल 7 गवाह पेश किए गए, जिनमें मृतक की पत्नी रामदेई और पुत्रवधू महेश्वरी चश्मदीद गवाह थीं। कोर्ट में गवाही देते समय मां का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने जज के सामने साफ कहा कि जिस बेटे ने उनके पति की जान ली और उनका सुहाग उजाड़ दिया, वे उसका चेहरा तक देखना पसंद नहीं करतीं।

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