पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने में पति दोषी:फर्रुखाबाद में ससुर बरी, सजा के बिंदु पर होगी सुनवाई


फर्रुखाबाद में लगभग सात साल पुराने एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पति नसीम को दोषी ठहराया है। न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने इस मामले में ससुर जान मोहम्मद को बरी कर दिया। अब दोषी पति की सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। यह मामला मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव हुसैनपुर निवासी मोहम्मद इंसाफ की बेटी अंजुम बेगम से जुड़ा है। अंजुम की शादी 30 अक्टूबर 2011 को थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव बरा केशव निवासी नसीम के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष अंजुम को प्रताड़ित कर रहा था। 29 मार्च 2019 को अंजुम ने अपनी मां को फोन कर मारपीट की जानकारी दी थी। इसके दो दिन बाद, 31 मार्च को अंजुम के पिता मोहम्मद इंसाफ अपनी बेटी की ससुराल पहुंचे। उन्होंने अंजुम की विदाई कराने का प्रयास किया, लेकिन ससुराल पक्ष ने खेती-बाड़ी में काम का हवाला देते हुए विदाई से इनकार कर दिया। अगले दिन, 1 अप्रैल 2019 की शाम को परिजनों को सूचना मिली कि अंजुम ने फांसी लगा ली है। मौके पर पहुंचने पर अंजुम के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पहले हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के बाद पुलिस ने हत्या की धारा हटा दी और इसे आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला मानते हुए नसीम और उसके पिता जान मोहम्मद के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह और विभिन्न दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पति नसीम को अंजुम बेगम से मारपीट और मानसिक प्रताड़ना देने का दोषी पाया। वहीं, ससुर जान मोहम्मद को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।

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