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ललितपुर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रगुप्त यादव की अदालत ने शनिवार को पत्नी की हत्या में दोषी पति अखिलेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 3 साल पहले हंसिया से पत्नी की हत्या करने के मामले में उसे दोषी माना। फैसले के बाद आरोपी को जिला कारागार भेज दिया गया। जमीन विवाद में हुई थी हत्या अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तिवारी के अनुसार, घटना 30 सितंबर 2023 की रात करीब 10 बजे कोतवाली सदर क्षेत्र के नेहरूनगर मोहल्ले में हुई थी। मृतका आरती अपने नाना के घर पर रह रही थी। इसी दौरान उसका पति अखिलेश, निवासी ग्राम धर्मपुरा (थाना जखौरा), वहां पहुंचा। जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद उसने हंसिया से हमला कर आरती की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। नाना की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा घटना के बाद मृतका के नाना रज्जू लाल उर्फ नंदराम ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया। अगले दिन 1 अक्टूबर 2023 को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। नातिन के नाम थी पैतृक जमीन रज्जू लाल ने पुलिस को बताया था कि उनकी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने अपनी पुत्री ज्ञान बाई की बेटी आरती को गोद लेकर उसका पालन-पोषण किया और उसकी शादी कराई। उन्होंने अपनी पैतृक जमीन आरती के नाम कर दी थी। आरोप है कि अखिलेश उसी जमीन को अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। प्रताड़ना से परेशान होकर मायके में रह रही थी आरती परिजनों के अनुसार, जमीन के लालच में अखिलेश आरती के साथ लगातार मारपीट और प्रताड़ना करता था। इससे परेशान होकर आरती अपने बच्चों के साथ मायके में रहने लगी थी। आरोप है कि वहां भी अखिलेश उसे परेशान करता रहा और अंततः उसकी हत्या कर दी। साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अखिलेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही नियमानुसार अर्थदंड भी लगाया गया।
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पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास:तीन साल पहले हंसिया से किया था मर्डर, जमीन विवाद था कारण