पचपदरा रिफाइनरी का आज उद्घाटन करेंगे PM:राजस्थान को 2 और बड़ी सौगात देंगे; जनसभा के लिए बना डोम, 5 हजार लोग बैठ सकेंगे


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शनिवार) राजस्थान के दौरे पर हैं। वे राज्य को तीन बेहद महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी बालोतरा की बहुप्रतीक्षित पचपदरा (बालोतरा) रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, वे जोधपुर में एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण करेंगे और जयपुर मेट्रो के फेज-2 की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर सुरक्षा और प्रशासन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे पचपदरा पहुंचेंगे। वे यहां दो घंटे रुकेंगे। बालोतरा में प्रधानमंत्री पचपदरा रिफाइनरी परियोजना का निरीक्षण भी करेंगे। इसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा के लिए रिफाइनरी परिसर में ही डोम बनाया गया है। इसमें 5 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पहले जोधपुर में एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का लोकार्पण करेंगे जानकारी के अनुसार- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह 9:30 बजे दिल्ली से रवाना होंगे। 10:40 बजे जोधपुर वायुसेना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे पुराने टर्मिनल के रास्ते नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन पहुंचेंगे। करीब 20 मिनट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री को दो मिनट का वीडियो दिखाया जाएगा। साथ ही, नए टर्मिनल भी देखेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री सुबह 11:20 बजे हेलिकॉप्टर से पचपदरा के लिए रवाना होंगे। दोपहर करीब 12 बजे रिफाइनरी परिसर पहुंचेंगे। करीब दो घंटे के कार्यक्रम के बाद वे दोपहर 2 बजे पचपदरा से रवाना होंगे। 3 हजार गाड़ियों की पार्किंग प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया है। यहां आने वाले लोगों की गेट नंबर-7 से प्रवेश दिया जाएगा। गाड़ियों की पार्किंग गेट नंबर-7 पर ही बनाई गई है। इसकी क्षमता करीब 3 हजार है। पार्किंग स्थल से कार्यक्रम स्थल तक शटल बस सेवा उपलब्ध रहेगी। खास हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई कच्चे तेल की प्रकृति वैक्सी (मोम जैसी) होती है। इसे पाइपलाइन में जमने से रोकने के लिए मुंद्रा (गुजरात) से पचपदरा तक एक विशेष हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई है। इसमें जगह-जगह हीटिंग स्टेशन, थर्मल इंसुलेशन लगाया गया है। इससे तेल का तापमान बना रहेगा। इंजीनियर्स इंडिया इसकी कमान संभाल रही है। लमस टेक्नोलॉजी, यूओपी, यूनिवेशन टेक्नोलॉजीज जैसी ग्लोबल कंपनियों ने अपनी पेट्रोकेमिकल, क्रैकर यूनिट्स की तकनीक प्रदान की है। लाखों टन स्ट्रक्चरल स्टील और विशेष एलॉय स्टील से स्ट्रक्चर बनाए गए हैं। हजारों किलोमीटर की केबलिंग और मोटरों में कॉपर का अधिक उपयोग किया गया है, जिससे वायरिंग फ्रिक्वेंसी मजबूत रहे। रिफाइनरी शुरू होते ही राजस्थान भी मजबूती से आर्थिक क्षेत्र में उभरेगा। रिफाइनरी से प्रोडक्शन शुरू होने के बाद राजस्थान केवल कच्चा तेल निकालने वाला राज्य नहीं रहेगा। वह उसे प्रोसेस कर वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट (जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलिमर) बनाने वाला हब बन जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर प्लास्टिक, केमिकल उद्योगों की बाढ़ आएगी। बता दें कि इसी साल 20 अप्रैल को रिफाइनरी के दो हिस्सों क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (VDU) में आग लग गई थी। यह घटना 21 अप्रैल को रिफाइनरी के उद्घाटन से एक दिन पहले हुई थी।

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