नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद:गाजीपुर में कोर्ट ने 1.50 लाख रुपए का लगाया जुर्माना, 8 साल बाद आया फैसला


गाजीपुर में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम रामअवतार प्रसाद की अदालत ने मोहम्मद शमशाद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 1.50 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की राशि का 75 प्रतिशत पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया गया है। फैसला गुरुवार शाम सुनाया गया, जिसके बाद दोषी को जेल भेज दिया गया। अभियोजन के अनुसार, मामला 4 मई 2018 का है। भांवरकोल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी शाम करीब 4 बजे घर से अचानक लापता हो गई। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की और रिश्तेदारों से पूछताछ की। इसी दौरान पीड़िता की चचेरी बहन ने बताया कि उसने मोहम्मद शमशाद के साथ लड़की को बक्सर रेलवे स्टेशन पर देखा था। सूचना के आधार पर पुलिस ने बड़ी नगला, थाना मालसलामी, जिला पटना निवासी मोहम्मद शमशाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना के दौरान पीड़िता को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के साथ ही न्यायालय में उसका बयान दर्ज कराया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रामकुमार राय और सुनील सिंह ने कुल आठ गवाह अदालत में पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने मोहम्मद शमशाद को दोषी करार दिया। इसके बाद उसे आजीवन कारावास और 1.50 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अदालत ने जुर्माने की 75 प्रतिशत राशि पीड़िता को देने का भी आदेश दिया।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *