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‘मेरे घर पर सोलर पैनल लगा हुआ है, जिससे पहले बिजली का बिल करीब 300 रुपए आता था। लेकिन प्रीपेड मीटर लगने के बाद अचानक 60 हजार रुपए का बिल आ गया। मैंने 10 हजार रुपए जमा किए, लेकिन महज 15 दिनों में ही मेरे खाते में केवल लगभग 350 रुपए ही बैलेंस बचा।’ ये कहते हुए एलडीए कॉलोनी, राजाजीपुरम निवासी यश गुप्ता ने स्मार्ट मीटर को बदलने की मांग की। दरअसल लखनऊ में जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध बिजली उपभोक्ता लगातार कर रहे हैं। शहर में अब तक 20 से अधिक प्रदर्शन हो चुके हैं। परेशान उपभोक्ता पार्षदों का घेराव कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि, पैसा जमा करने के बाद भी उन्हें 5-6 घंटे, और कई बार पूरे दिन तक बिजली बहाल होने का इंतजार करना पड़ रहा है। दैनिक भास्कर की टीम लोगों की परेशानी को जानने के लिए ग्राउंड पर पहुंची। वहां उपभोक्ताओं ने क्या कहा पढ़िए इस रिपोर्ट में… देखिए 3 तस्वीरें… पार्षदों का घेराव, उपभोक्ता बोले- नहीं चलेगा प्रीपेड मीटर लखनऊ में प्रीपेड स्मार्ट मीटर से परेशान होकर राजा बाजार क्षेत्र में उपभोक्ताओं ने पार्षद राहुल मिश्रा का घेराव किया। परेशान महिला उपभोक्ताओं का कहना है कि जब से प्रीपेड मीटर लगा है, रीडिंग ज्यादा आने लगी है। कभी भी बिजली कट जा रही है। बिना किसी सूचना के अधिकारियों ने मीटर बदल दिया, जो गलत है। पार्षद राहुल मिश्रा ने कहा जनता परेशान है और अधिकारियों द्वारा उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों से कई बार बात की गई है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। स्मार्ट मीटर हटाया जाना चाहिए। नगर निगम की नेता पार्षद दल कांग्रेस ममता चौधरी ने भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने हबीबनगर, मालवीयनगर और दारूगोदाम के प्रभावित उपभोक्ताओं के साथ मिलकर अधीक्षण अभियंता (वाणिज्यिक, मध्य जोन) को ज्ञापन सौंपा। ममता चौधरी ने कहा- स्मार्ट मीटर लगने के बाद गलत बिलिंग की शिकायतें बढ़ी हैं। यह मीटर जबरन लगाए गए हैं। अधिकारियों को चेक मीटर लगाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही। अधिकारी बेलगाम हो गए हैं और आम लोगों की कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिससे गरीबों की परेशानियां बढ़ गई हैं। 18 अप्रैल को स्थानीय पार्षद को सौंपा था ज्ञापन मनकामेश्वर वार्ड की महिलाएं शनिवार को स्थानीय पार्षद रंजीत सिंह यादव के पास स्मार्ट मीटर की शिकायत लेकर पहुंची थीं। महिलाओं ने कहा कि जब से स्मार्ट मीटर लगा है। तब से बिजली का बिल बढ़कर आ रहा है। लगातार बिल माइनस में जाने के कारण बिजली कट रही है। इस बीच महिलाओं की शिकायत को पार्षद ने विधायक नीरज बोरा तक पहुंचाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के कारण समस्या बढ़ गई है। गरीब लोग परेशान हो रहे। बिना बताए प्रीपेड को पोस्ट पेड मीटर में बदल दिया गया। इसके बाद विधायक नीरज बोरा ने मामले में ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा है। लौलई केन्द्र में हुआ एक सप्ताह तक प्रदर्शन चिनहट के लौलई उपकेंद्र पर बिजली उपभोक्ताओं की तरफ से लगातार एक सप्ताह तक प्रदर्शन किया गया। कांशीराम आवास योजना में रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग की तरफ से बिना बताए 2200 फ्लैट के पोस्ट पेड मीटर को प्रीपेड में बिना बताए बदल दिया गया। इससे लगातार 200 रुपए की मीटर रीडिंग 500 तक आ रही है, जबकि बिना जानकारी के बिजली कनेक्शन कभी भी कट जा रहा है। इस प्रदर्शन में स्थानीय विधायक योगेश शुक्ला और पार्षद ममता रावत भी शामिल हुईं। विधायक दो से अधिक बार प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। ‘पहले बदलो मीटर फिर होगी बात’ इंदिरानगर के लोगों का आक्रोश सेक्टर-14 के पावर हाउस में देखने को मिला था। लोगों ने वहां पहुंचकर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे बीते 16 अप्रैल को लगाए थे। करीब एक घंटे तक पावर हाउस में प्रदर्शन किया तो अधिकारियों ने कहा कि चलिए समस्या देखते हैं। इसके बाद वे पैदल ही प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ उनके गांव तक 1 किमी पैदल गए। मौके पर लोगों ने कहा कि वे बिल जमा करते हैं तो कुछ ही देर में उनका बिल माइनस में हो जाता है। इसके बाद गांव में अधिकारियों और कर्मचारियों ने मीटर चेक किए। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि पहले प्रीपेड मीटर बदला जाए। फिर कोई बात होगी। ‘3 दिन बाद पता चला लाइट कट गई’ 1912 कंट्रोल रूम में शिकायत लेकर पहुंचीं केकेसी क्षेत्र की रहने वाली बुजुर्ग बच्ची देवी अपनी समस्या बताते हुए रोने लगीं। उन्होंने बताया कि वह बीमार थीं, जिस वजह से समय पर बिजली का बिल जमा नहीं कर सकीं। बच्ची देवी के अनुसार, तीन दिन तक उनके घर की बिजली कटी रही। काफी परेशानी झेलने के बाद उन्हें जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने आकर बिल जमा किया। उन्होंने बताया कि उनका बिल करीब एक हजार रुपये था, जिसे अब उन्होंने जमा कर दिया है। ’60 हजार रुपए का बिल अचानक आया’ यश गुप्ता का कहना है कि हमारा बिजली का कंजंप्शन 7-8 यूनिट है। सोलर पैनल लगने पर 8 यूनिट तक बिजली पैदा हो रही है। उसका भी बिल मांगा जा रहा है, जबकि उसका पैसा कटना चाहिए। हमारे यहां पर चेक मीटर लगवाया जाना चाहिए। महिलाएं बोलीं- पहले प्रीपेड मीटर बदला जाए पंडितपुरवा की रहने वाली लज्जावती ने कहा कि उनका स्मार्ट मीटर तुरंत हटाकर पुराने मीटर को दोबारा लगाया जाए। लज्जावती का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दबाव बनाकर उनके घर में जबरन स्मार्ट मीटर लगाया। हम अनपढ़ हैं, हमें सही से समझ नहीं आया कि क्या लगाया जा रहा है। हर महीने करीब 6 हजार रुपये का बिजली बिल आ रहा है। जिसे वो नहीं भर सकती है। ऐसे में उनका कहना है कि मीटर बदला जाए और पुराना मीटर ही लगा दिया जाए। ‘शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं’ इंदिरा नगर सेक्टर-14 स्थित पावर हाउस पर समस्या लेकर पहुंचीं पंडितपुरवा की सोनी देवी। उन्होंने बताया कि उनके इलाके में बार-बार बिजली कटौती हो रही है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली बार-बार जाने के बावजूद लगातार बिल कट रहा है। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मीटर बदला जाना चाहिए।
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'धमकी देकर लगाया गया स्मार्ट मीटर':लखनऊ में बिजली उपभोक्ता बोले- ज्यादा आ रहा बिल; पहले बदला जाए, फिर होगी कोई बात