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रामपुर में 14 साल पुराने बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए भाजपा नेता अवधेश शर्मा समेत सभी आठ आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। यह मामला 17 मार्च 2012 का है, जब सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के ज्वालानगर स्थित शिव विहार कॉलोनी के पास एक नाले में दो युवकों के शव बरामद हुए थे। मौके से दो मोटरसाइकिलें भी मिली थीं। बाद में मृतकों की पहचान आगापुर निवासी अजय यादव और मिलक बिचौला निवासी जुल्फिकार के रूप में हुई थी। घटना के बाद मृतकों के परिजनों की तहरीर पर आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। जिसके बाद मामला सत्र न्यायालय में लंबी अवधि तक विचाराधीन रहा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को ठोस साक्ष्यों के साथ साबित नहीं कर सका। बचाव पक्ष ने दलील दी कि पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और आरोपियों के खिलाफ कोई स्पष्ट कड़ी स्थापित नहीं होती। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि आरोप प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। इसी आधार पर सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया गया। फैसले के बाद आरोपियों के परिजनों ने राहत की सांस ली और न्यायालय के प्रति आभार जताते हुए न्याय व्यवस्था में विश्वास व्यक्त किया।
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दोहरे हत्याकांड में भाजपा नेता समेत 8 आरोपी बरी:रामपुर में 14 साल बाद साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने सुनाया फैसला