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संभल में पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने सात वर्ष पुराने दुष्कर्म मामले में दो दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाए। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद बबली पुत्र टीकम और मोहित पुत्र रुमाल सिंह को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि मामला असमोली थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के पिता ने 20 अगस्त 2018 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि 22 फरवरी 2018 को उनकी बेटी ईख के खेत में खाना देने गई थी। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद बबली और मोहित ने उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर जब पीड़िता के माता-पिता मौके पर पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग रहे थे। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी। परिजनों ने भय और दबाव के कारण तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी, जिसके चलते मुकदमा दर्ज कराने में करीब छह महीने की देरी हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत दोषी मानते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पीड़िता को मिलेगा मुआवजा अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि दोनों दोषियों से वसूल की जाने वाली अर्थदंड की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में प्रदान की जाएगी। फैसले के बाद दोनों दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 साल की सजा:संभल में कोर्ट ने 20-20 हजार रुपए का लगाया जुर्माना, 7 साल बाद आया फैसला