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नगर निगम ने शहर के 2.33 लाख भवन स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष में टैक्स जमा करने भारी छूट देने का निर्णय लिया है। इस क्रम में 15 जुलाई तक हाउस टैक्स, वाटर टैक्स व सीवर टैक्स जमा करने वाले भवन स्वामियों को 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वहीं, डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन टैक्स जमा करने पर निगम 12% की विशेष छूट प्रदान की जाएगी। दरअसल, सोमवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में निगम के सभागार में कार्यकारिणी की बैठक में हुई। इसमें कई अहम निर्णय लिया गया। अब काशी के दृष्टिहीन व 80% से अधिक दिव्यांगता वाले भवन स्वामियों का टैक्स शत-प्रतिशत माफ करने का निर्णय गया लिया है। हालांकि, इस लाभ को प्राप्त करने के लिए संबंधित व्यक्ति को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र निगम कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। वहीं जिन भवन स्वामियों ने चालू वित्तीय वर्ष का टैक्स पहले ही जमा कर दिया है, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। उनकी छूट की राशि का समायोजन अगले वित्तीय वर्ष के बिल में कर दिया जाएगा। व्यापारियों को लाइसेंस शुल्क पर 10% की छूट इसी तहर, लाइसेंस शुल्क पर भी व्यापारियों को 10 प्रतिशत की राहत दी गई है। यह सभी लाभ एक सप्ताह के भीतर मिलने शुरू हो जाएंगे। बैठक के दौरान नगर निगम अधिनियम की धारा 91 (2) के तहत पार्षद राजकपूर चौधरी द्वारा वरुणा कॉरिडोर की बदहाली का मुद्दा उठाया। इस पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा बिछाई गई सीवर लाइन ध्वस्त होने के कारण निगम ने अब तक इसे हैंडओवर नहीं लिया है। निगम के प्रयास से वरुणा रिवर फ्रंट बनाने के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। छह प्रोजेक्ट के तहत वरुणा में गिरने वाले कुल 48 नालों को टैप किया जाएगा, जिसमें शहरी क्षेत्र के 17 खुले नाले भी शामिल हैं। इसके अलावा वरुणा के किनारे नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। करीब पांच से आठ फीट ऊंचा बनने वाले रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से वरुणा किनारे के सौंदर्यकरण के साथ-साथ नदी को प्रदूषण मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में अब वरुणा में सीधे मलजल नहीं गिरेगा। निगम रक्षा संपदा विभाग और रेलवे विभाग से लेगा जमीन नगर निगम ने इस बैठक में शहर के विकास और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए नगर निगम रक्षा संपदा विभाग और रेलवे की कुछ जमीनों को लेने का निर्णय लिया है। इसके बदले में निगम अपनी उतनी ही मूल्य की जमीन रेलवे को देने का प्रस्ताव दिया है। इसमें रक्षा संपदा विभाग से कैंटोंमेंट स्थित गुडशेड बाजार में 1.2286 हेक्टेयर, फुलवरिया फ्लाईओवर के नीचे 3.8121 हेक्टेयर, डोमरी व सूजाबाद में 19.6690 हेक्टेयर, कैंटोंमेंट (160 एकड़ में से) 34.259 हेक्टेयर (अवशेष भूमि) शामिल है। इसी प्रकार रेलवे विभाग से घौसाबाद (आराजी सं. 42/53): 2830 वर्ग मीटर (उत्तर रेलवे), सनबीम लहरतारा से मण्डुआडीह मार्ग पर 2029.30 वर्ग मीटर, गोल्डन पीकॉक के पीछे (गुडशेड बाजार) में लगभग 4100 वर्ग भूमि शामिल है। निगम अपनी उतनी ही मूल्य की जमीन रेलवे को भी देगा। कार्यकारिणी ने इसकी भी मंजूरी दे दी। लहरतारा में निगम पोर्टेबल कांपेक्टर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) स्था।पित करेगा। पंचकोशी परिक्रमा मार्ग की सुधरेगी हालत बैठक के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा आगामी 15 मई से शुरू हो रहे अधिमास और उससे जुड़ी काशी पंचकोशी यात्रा का रहा। कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण राय ने सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि पंचकोशी परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले पड़ावों पर अव्यवस्थाओं का अंबार है। उन्होंने पिछली यात्रा के अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि कई सड़कें कंकड़युक्त और गड्ढों वाली हैं, जिससे पैदल चलने वाले बुजुर्ग श्रद्धालुओं और महिलाओं के पैर चोटिल हो गए थे। इस पर कार्यकारिणी ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त को आदेशित किया कि यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी परिक्रमा पथों पर सड़कों की मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, पंखे और स्वास्थ्य शिविरों का उचित प्रबंध किया जाए। बैठक में यह भी लिया गया निर्णय शहर के सौंदर्यीकरण और ऐतिहासिक विरासत के सम्मान को लेकर उपसभापति नरसिंह दास ने भी कई प्रस्ताव रखे। उन्होंने वाराणसी के समस्त पूर्व महापौरों और नगर प्रमुखों के आवास तक जाने वाले मार्गों व गलियों के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। शहर के विभिन्न पार्कों और महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थिति सुधारने का मुद्दा भी उठाया। पर्यटन की दृष्टि से विदेशी और स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम ने सार्वजनिक शौचालयों के प्रबंधन में बड़े बदलाव का निर्णय लिया है। उपसभापति के सुझाव पर अब शहर के यूरिनल्स को पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा और वहां हिंदी व अंग्रेजी में रेट बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे। महापौर ने एक सप्तािह के भीतर यूरिनल्स को पूर्णतः निःशुल्क करने व हिंदी व अंग्रेजी में रेट बोर्ड लिखवाने का निर्देश दिया। इसके बेहतर रखरखाव के लिए एक विशेष एजेंसी की नियुक्ति पर भी सहमति बनी है। भारत सेवाश्रम से सुलभ तक बनेगा आधुनिक ‘फल बाजार’ शहर की सड़कों पर अनियंत्रित और अव्यवस्थित तरीके से लगने वाले ठेले-गुमटियों को सुव्यवस्थित करने के करने में जुटा हुआ है। इसकी शुरुआत निगम मुख्यालय से ही की जाएगी। प्रथम चरण में सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम के मोड़ से लेकर सुलभ शौचालय तक सड़क की पटरियों पर एक सुव्यवस्थित ‘फल बाजार’ विकसित करने करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य सड़क किनारे लगने वाली दुकानों को एक निश्चित स्वरूप देना है, जिससे मार्ग पर सुरक्षा बनी रहे और आम जनता को फल आदि खरीदने में सुविधा हो। जानिए, किस पार्षद ने क्या उठाया मुद्दा बैठक में जल निकासी को लेकर हनुमान प्रसाद ने शहर के कच्चे नालों को पक्का करने की योजना अगली बैठक में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए शहर के सभी चौराहों, कुंडों और तालाबों पर लगे बंद पड़े फौआरों को तत्काल संचालित करने की मांग भी की। कार्यकारिणी सदस्य मदन मोहन तिवारी ने पिछले वर्षों में वार्डों में हुए कार्यों की सूची में अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2023 से 2026 तक स्वीकृत सभी पूर्ण और अपूर्ण कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट मय कारण एक सप्ताह के भीतर पार्षदों को उपलब्ध कराई जाए ताकि जमीनी स्तर पर उनका सत्यापन हो सके। प्रमोद राय ने ठेकेदारों द्वारा 10 प्रतिशत से अधिक ‘बिलो पर टेंडर डालकर कार्य करने और भुगतान के समय होने वाली 10-15 प्रतिशत की कटौती पर सवाल खड़े किए। उन्होंने संदेह व्यक्त किया कि ऐसी स्थिति में कार्य मानक के अनुसार नहीं हो पा रहे हैं, जिसकी जांच होनी अनिवार्य है। सड़कों के बार-बार टूटने की समस्या पर लगाम लगाने के लिए सुशील गुप्ता ने एक नई व्यवस्था का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि अन्य कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जाने वाले कार्यों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देते समय कड़ी शर्तें रखी जाएं, जिसमें कार्य की वारण्टी अवधि तय करना और समय से पहले क्षतिग्रस्त होने पर संबंधित एजेंसी से ही मरम्मत कराना अनिवार्य होगा। बैठक में यह यह रहे उपस्थित उपसभापति नरसिंह दास, कार्यकारिणी सदस्य अमरदेव यादव, प्रमोद राय, हनुमान प्रसाद, प्रवीण राय, सुशील गुप्ता योगी, मदन मोहन तिवारी, राजकुमार चौधरी, अशोक मौर्या, माधुरी सिंह, सुशीला देवी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार, संगम लाल, संयुक्त नगर आयुक्ती कृष्ण चंद्र, सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, CTO कुमार असीम रंजन, शिखा मौर्या, मुख्य नगर लेखा परीक्षक संजय प्रताप सिंह व अन्य रहे।
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दिव्यांगों को नहीं देना होगा हाउस व वाटर टैक्स:वाराणसी नगर निगम की बैठक में अहम निर्णय, शहर के 2.33 लाख भवन स्वामियों को राहत