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दिल्ली पुलिस फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FCR) के जरिए जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करने वालों की पहचान कर रही है। 216 लोग ऐसे मिले हैं जिनका पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है। इनमें सबसे ज्यादा 26 वेस्ट दिल्ली से है, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली से 23, साउथ दिल्ली से 22 और बाकी अन्य जिलों के हैं। सूत्रों के मुताबिक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट, सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। जिसके आधार पर इनके चेहरे पुलिस रिकॉर्ड में भी मिले हैं। इस आधार पर दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि कई क्रिमिनल भी प्रोटेस्ट में शामिल हुए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई थी। उधर रैपिड एक्शन फोर्स पैलेट गन चलाने के आरोपों की जांच करेगी। 20 जुलाई: कॉकरोच पार्टी का संसद मार्च, पुलिस का लाठीचार्ज कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर मार्च किया। आंदोलनकारी जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक होते हुए संसद के करीब पहुंचे। संसद में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई, मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी भी घायल हुए थे। 20 जुलाई: संसद भवन के पास से प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें —————————
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दिल्ली पुलिस बोली- जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में 216 क्रिमिनल शामिल:फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से पहचाने गए; RAF पैलेट गन चलाने के आरोपों की जांच करेगी