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पश्चिम बंगाल में TMC का चुनावी मैनेजमेंट संभालने वाली संस्था (I-PAC) ने अचानक राज्य में अपने सभी कामकाज अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार, संस्था ने ई-मेल के जरिए पश्चिम बंगाल में काम कर रहे अपने कर्मचारियों को अगले 20 दिनों की छुट्टी पर भेज दिया है। मेल में लिखा गया है कि 11 मई को हालात की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। संस्था की ओर से भेजे गए मैसेज में ‘कानूनी वजहों’ का हवाला दिया गया है। हालांकि टीएमसी ने कहा- यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है और ऐसा लगता है कि यह जमीनी स्तर पर भ्रम पैदा करने की एक जान-बूझकर की गई कोशिश है। I-PAC और उसके डायरेक्टर पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इस मामले में CBI ने 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला करीब 2,742 करोड़ रुपए से जुड़ा है। पिछले चार महीनों में दो बार में देश भर के चार से ज्यादा आफिसों में रेड पड़ चुकी है। TMC बोली- यह भ्रम पैदा करने की जान-बूझकर कोशिश की गई टीएमसी ने एक बयान जारी करते हुए कहा- हमें एक मीडिया रिपोर्ट मिली है जिसमें दावा किया गया है कि IPAC ने अगले 20 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल में अपना काम रोक दिया है। यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है और ऐसा लगता है कि यह जमीनी स्तर पर भ्रम पैदा करने की एक जान-बूझकर की गई कोशिश है। IPAC टीम TMC के साथ पूरी तरह से जुड़ी हुई है और पूरे राज्य में चुनाव प्रचार का काम योजना के अनुसार जारी है। बंगाल के लोग इन कोशिशों को समझने में पूरी तरह से सक्षम हैं और वे लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देंगे। पश्चिम बंगाल गलत जानकारी या डराने-धमकाने से प्रभावित नहीं होगा। वे 23 और 29 तारीख को निर्णायक रूप से जवाब देंगे और 4 मई को आने वाले नतीजे उनके फैसले को दिखाएंगे। I-PAC ठिकानों पर पिछली दो रेड… 2 अप्रैल को दिल्ली-बेंगलुरु, हैदराबाद के ठिकानों पर रेड प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2 अप्रैल को पॉलिटिकल कंसल्टेंट कंपनी I-PAC के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। टीम ने दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद में कंपनी के दफ्तरों पर कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी कोयला चोरी और घोटाले से जुड़े मामले में हुई। 8 जनवरी को पहली बार रेड के बीच पहुंची थीं ममता 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। नॉलेज पॉइंट: जानिए I-PAC के बारे में ममता अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर प्रतीक जैन (दाएं) के साथ। यह फोटो प्रतीक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 4 जून 2024 को पोस्ट की थी। I-PAC (Indian Political Action Committee) एक पॉलिटिकल कंसलटेंट फर्म है। इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन हैं। यह राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति, डेटा-आधारित कैंपेन, मीडिया प्लानिंग और वोटर आउटरीच में मदद करती है। I-PAC पहले Citizens for Accountable Governance (CAG) थी। इसकी शुरुआत 2013 में प्रशांत किशोर ने प्रतीक के साथ की थी। बाद में इसका नाम I-PAC रखा गया। प्रशांत किशोर के हटने के बाद I-PAC की कमान प्रतीक के पास आ गई। प्रशांत ने बाद में बिहार में ‘जन सुराज’ पार्टी बनाई। I-PAC तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ 2021 से जुड़ी है।
————– ये खबर भी पढ़ें… I-Pac रेड विवाद-ममता पर पावर के गलत इस्तेमाल का आरोप:ED सुप्रीम कोर्ट में बोली-CM के फायदे के लिए पुलिस ने काम में रुकावट डाली केंद्रीय जांच एजेंसी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि CM और राज्य की मशीनरी कथित कोयला चोरी स्कैम के सिलसिले में I-PAC ऑफिस और उसके डायरेक्टर के ठिकानों पर रेड के दौरान गैर-कानूनी तरीके से घुसे। पूरी खबर पढ़ें…
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दावा- I-PAC ने बंगाल में 20 दिनों तक काम रोका:यह कंपनी ममता बनर्जी का चुनाव मैनेजमेंट देखती है; TMC बोली- ये झूठ