![]()
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। यहां चिह्नित 181 मकानों में से 179 पर ध्वस्तीकरण का हथौड़ा चल चुका है। शिया बहुल इस इलाके से इमाम हुसैन की शहदात के महीने मुहर्रम की एक तारीख से जुलूसों का सिलसिला शुरू हुआ था। अब शनिवार यानी 22 अगस्त को दो महीना 8 दिन चले गम के महीने का अंतिम जुलूस दालमंडी से उठाया जाएगा। ऐसे में यहां सड़क पर बह रहे सीवर के गंदे पानी और सड़कों पर पड़े मलबे को हटाने के लिए जुलूस के कन्वीनर अस्करी रजा सईद और अंजुमन हैदरी चौक, बनारस के सेक्रेटरी नायब रजा ने प्रशासन से इसे सही करवाने की मांग किया है। देखिये तीन तस्वीरें… साल 1953 से उठ रहा है जुलूस जुलूस के कन्वीनर अस्करी रजा सईद ने बताया – साल 1953 से यह जुलूस उठाया जा रहा है। पहले यह जुलूस चुप ताजिये के नामसे था। बाद में इसमें अमारी और दुलदुल के साथ ही साथ अलम और ताबूत लग गए। अब यह जुलूस पूरे वाराणसी मंडल के साथ ही साथ मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल को भी कवर करता है। शनिवार को इस जुलूस में इन सभी मंडलों के जिलों के जायरीन उमड़ेंगे। सीवर के पानी से दिक्कत, समाधान की गुहार अस्करी रजा सईद ने बताया – हमारे इमामबाड़े में 15 अगस्त से मजलिसें शुरू हुई हैं। शनिवार को जुलूस उठना है। लेकिन दालमंडी की स्थिति दयनीय है क्योंकि चौड़ीकरण का काम चल रहा है। लेकिन यह जुलूस हमारी आस्था का केंद्र है और सीवर के मलजल से उसे ले जाना संभव नहीं है। ऐसे में हमने प्रशासन से और पुलिस से मांग की है। साथ ही पार्षद इंद्रेश कुमार से भी कहा है की मलजल की समस्या पीने के पानी की पाइप फटी होने से भी ज्यादा है। ऐसे में शनिवार को सुबह की सप्लाई 1 बजे दिन के बाद कराई जाए। ताकि दालमंडी में पानी न लगे और जुलूस के क्रास होने के बाद आप पानी स्टार्ट कर लें। दालमंडी में पोकलैंड मशीन के सबाव से सीवर लाइन ध्वस्त हो गयी। नगर निगम को भी दिया है लेटर अस्करी रजा सईद ने बताया – हमने इस आशय का एक लेटर अपने इमामबाड़े शब्बीर ओ सफदर के लेटर हेड पर नगर निगम और अन्य कार्यालयों में रिसीव करवाया है। हमें पूरी उम्मीद है की हमारी मांग प्रशासन सुनेगा और जुलूस और उसमे आने वाले जायरीनों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
Source link
दालमंडी में साठे के जुलूस के पहले सफाई की मांग:सीवर और पानी से बजबजा रहा रास्ता, शनिवार को उठेगा मुहर्रम का आखिरी जुलूस