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आजमगढ़ जिले में आगामी नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस, दीपावली, कार्तिक पूजा, गुरुनानक जयंती और छठ पूजा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में हरिऔध कला केंद्र में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्गा पूजा समितियों के आयोजक और संभ्रांत नागरिक मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी त्योहार परंपरागत तरीके से हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को मूर्ति विसर्जन स्थलों, जुलूस मार्गों और अन्य संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर समय से सभी व्यवस्थाएं पूरी कराने के निर्देश दिए। डीएम ने विसर्जन स्थलों पर प्रकाश, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, विद्युत सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। डीजे की आवाज निर्धारित डेसीबल से अधिक नहीं होने देने के निर्देश दिए गए। रामलीला आयोजकों को महिलाओं के लिए अलग और सुविधाजनक सीटिंग प्लान तैयार करने तथा आयोजनों में पर्याप्त संख्या में वालंटियर तैनात करने को कहा गया। आबादी से दूर होने पर ही रावण दहन में पटाखों की अनुमति
जिलाधिकारी ने रावण दहन के दौरान पटाखों की संख्या सीमित रखने के निर्देश दिए, ताकि चिंगारी दूर तक न पहुंचे और किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। उन्होंने कहा कि आबादी से दूर रावण दहन होने की स्थिति में ही पटाखों की अनुमति दी जाए।
पटाखों की बिक्री के लिए जिले में 62 मैदान चिन्हित किए गए हैं। पटाखों की बिक्री केवल इन्हीं निर्धारित स्थलों पर की जाएगी। डीएम ने चेतावनी दी कि आयोजकों की लापरवाही से पंडाल में दुर्घटना होने पर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। विसर्जन मार्गों और विद्युत तारों को दुरुस्त करने के निर्देश
डीएम ने सीओ, एसडीएम और थाना प्रभारियों को मूर्ति विसर्जन मार्गों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मार्गों पर लटक रही पेड़ों की डालियों की छंटाई, नालियों को ढकने तथा पूर्व में घटनाएं हो चुके स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
विद्युत विभाग को जुलूस और विसर्जन मार्गों पर लटक रहे विद्युत तारों तथा खराब खंभों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही छठ पूजा को लेकर डीएम ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित घाटों की पहले से साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। घाटों पर नाव और गोताखोरों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने तथा पानी की गहराई का आकलन कर आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने को कहा गया। पंडालों में अग्नि सुरक्षा पर विशेष जोर
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने एसडीएम, सीओ और थाना प्रभारियों को आयोजकों तथा डीजे संचालकों के साथ बैठक कर सुरक्षा मानकों की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंडाल हाईटेंशन लाइन के नीचे या ट्रांसफार्मर के पास नहीं लगाए जाएं। उन्होंने पंडाल में ज्वलनशील पदार्थों का प्रयोग न करने, पंडाल को कम से कम दो तरफ से खुला रखने तथा प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट बनाने के निर्देश दिए। पंडाल में पानी और बालू से भरी बाल्टियां रखने को भी कहा गया।
अश्लील और भड़काऊ गानों पर रहेगी रोक
एसएसपी ने डीजे संचालकों को निर्धारित डेसीबल सीमा का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीजे पर अश्लील, भड़काऊ अथवा किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाले गाने नहीं बजाए जाएंगे। आयोजकों को आयोजन की निर्धारित परंपरा और शर्तों के अनुसार ही अनुमति देने के निर्देश थाना प्रभारियों को दिए गए।
उन्होंने सभी एसडीएम और सीओ को आयोजकों के साथ बैठक कर सुरक्षा समितियों का गठन कराने तथा आयोजन स्थलों का लगातार निरीक्षण करने को कहा। किसी शरारती तत्व द्वारा माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने पर उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई के निर्देश दिए गए। किसी भी आपात स्थिति या विवाद की सूचना तत्काल पुलिस को देने और आवश्यकता पड़ने पर 112 पर कॉल करने की अपील की गई।
बैठक में आयोजक मंडलों की ओर से विद्युत व्यवस्था, रास्तों, विसर्जन स्थलों और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखी गईं, जिनके तत्काल निस्तारण के लिए डीएम और एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय चावला, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह सहित सभी एसडीएम, सीओ, जिला स्तरीय अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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त्योहारों को लेकर आजमगढ़ में चली देर रात्रि तक बैठक:डीएम-एसएसपी ने की शांति समिति की बैठक, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश