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एटा में सोमवार को विकास भवन के शताक्षी सभागार में आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक हुई। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (SAME) योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने की। कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की दोपहर 3 बजे हुई बैठक में समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कस्टम हायरिंग सेंटरों को मजबूत करने पर जोर जिलाधिकारी ने कस्टम हायरिंग सेंटरों को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सेंटर पर उपलब्ध कृषि यंत्रों और उपकरणों की जानकारी वाले फ्लेक्सी और पोस्टर लगाए जाएं, ताकि किसानों को आसानी से जानकारी मिल सके। उन्होंने सेंटरों पर उपलब्ध उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी जिला कृषि कार्यालय को नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा। सेंटर प्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर भी हमेशा चालू रखने के निर्देश दिए, जिससे किसान कृषि यंत्रों की उपलब्धता और इस्तेमाल के संबंध में जानकारी ले सकें। जिलाधिकारी ने जिले के प्रगतिशील किसानों को दूसरे राज्यों में प्रशिक्षण और कृषि मेलों में भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान आधुनिक तकनीक और खेती के नए तरीके सीखकर उनका लाभ दूसरे किसानों तक भी पहुंचाएं। दलहन, फसल विविधीकरण और पराली प्रबंधन पर जोर जिलाधिकारी ने दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देने और फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। पराली प्रबंधन को भी महत्वपूर्ण बताते हुए किसानों को पराली जलाने के बजाय उसे खेत में ही खाद के रूप में इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कृषि सखियों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया।
बीमा दावों का तत्काल आकलन कराने के निर्देश जिलाधिकारी ने फसल बीमा दावों के समय पर निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों को जल्द से जल्द मुआवजे का लाभ मिलना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उन्होंने फसल बीमा प्रतिनिधि से किसानों को मिल रहे बीमा लाभ और फसल क्षति के दावों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि फसल क्षति का नियमानुसार तत्काल आकलन कराकर पात्र किसानों को समयबद्ध तरीके से मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि किसान द्वारा निर्धारित प्रीमियम जमा करने के बाद फसल क्षति होने पर संबंधित बीमा कंपनी का दायित्व है कि नियमानुसार क्षति का शीघ्र आकलन कर देय क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित करे। प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल क्षति होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है। भुगतान के सत्यापन के लिए समिति गठित होगी जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, उप निदेशक कृषि और जिला कृषि अधिकारी शामिल होंगे। समिति किसानों को फसल बीमा के तहत किए गए भुगतानों का सत्यापन करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी पात्र किसानों को नियमानुसार बीमा योजना का लाभ मिला है। जिलाधिकारी ने कृषि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नवाचार और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, उप निदेशक कृषि सुमित कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी शर्मा, जिला अग्रणी प्रबंधक सौरभ वर्मा, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह, उद्यान विभाग से सुनील कुमार सहित प्रगतिशील किसान, कृषि सखी, एफपीओ प्रतिनिधि और अन्य किसान मौजूद रहे।
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डीएम ने कस्टम हायरिंग सेंटरों को मजबूत करने के निर्देश:किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ दिलाएं, फसल बीमा दावों का जल्द निपटारा करें