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टूटी सड़कें, जाम नालियां, बदबूदार पेयजल और घरों तक पहुंचता बारिश का पानी…। यह तस्वीर किसी पिछड़े गांव की नहीं, गोरखपुर नगर निगम के वार्ड-15 हनुमंत नगर की है। हालात ऐसे हैं कि लोग टैक्स तो नगर निगम को देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें सुविधाएं नसीब नहीं हो रहीं हैं। बारिश की एक घंटे की बौछार में सड़कें तालाब बन जाती हैं, गंदा पानी घरों में घुस जाता है और जाम नालियां लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा देती हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों के विकास के दावों की पोल खोली। उन्होंने बताया कि पार्क में कुछ लोग गद्दे सुखाते हैं। शाम को यहां जुआरी अड्डा जमा लेते हैं। हम लोगों का टैक्स पूरा जमा है, फिर भी इतना भेदभाव होता है। पार्षद से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इस कड़ी में वार्ड-15 का जायजा लिया गया… वार्ड की कई सड़कें वर्षों से जर्जर और गड्ढों में तब्दील मिलीं। पार्कों में कपड़े और गद्दे सूखते नजर आए, जबकि वहां छुट्टा पशुओं का भी कब्जा था। टूटी नालियां और मलबे से भरे नाले जलनिकासी व्यवस्था की बदहाली बयां करते मिले। वहीं सार्वजनिक शौचालय जर्जर हालत में मिला और उसके आसपास गंदगी का अंबार लगा था। पहले ये तस्वीरें देखिए… बारिश में डूब जाती हैं सड़कें, घरों तक पहुंच जाता है पानी वार्ड के लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही गलियां और सड़कें पानी से भर जाती हैं। कई जगह नालियों का मुख्य नाले से कनेक्शन नहीं होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती और जलभराव घरों तक पहुंच जाता है। लोगों का आरोप है कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना बारिश के भी कई स्थानों पर पानी जमा रहता है। सार्वजनिक शौचालय और पार्क बदहाल वार्ड का सार्वजनिक शौचालय जर्जर हालत में है। नियमित सफाई नहीं होने से वहां बदबू और गंदगी का माहौल बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका उपयोग करना भी मुश्किल हो गया है। वहीं पार्कों का रखरखाव भी नहीं हो रहा। पार्कों में पशुओं का कब्जा रहता है, आसपास के लोग कपड़े और गद्दे सुखाते हैं। सुबह-शाम यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी लग जाता है। इससे टहलने और खेलने आने वाले लोगों को परेशानी होती है। वार्ड की बड़ी समस्याएं जलभराव और खराब जलनिकासी: आधे घंटे की बारिश में ही गलियां और सड़कें पानी से भर जाती हैं। कई जगह नालियों का मुख्य नाले से कनेक्शन नहीं है। टूटी सड़कें और जाम नालियां: सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं और नालियों में मलबा भरा होने से आवागमन प्रभावित होता है। सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक शौचालय की बदहाली: नियमित सफाई नहीं होती और सार्वजनिक शौचालय जर्जर हालत में हैं। पार्कों में अव्यवस्था: पार्कों में पशुओं का कब्जा, कपड़े सुखाने और असामाजिक गतिविधियों के कारण लोगों को परेशानी होती है। दूषित पेयजल: कई घरों में बदबूदार और पीला पानी आने से लोगों में बीमारियों की चिंता बढ़ रही है। टूटी सड़कें और जाम नालियां बढ़ा रहीं परेशानी वार्ड की कई सड़कें पूरी तरह जर्जर हैं। जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालक और राहगीर रोजाना जोखिम उठाकर गुजरते हैं। दूसरी ओर नालियां मलबे और कचरे से भरी पड़ी हैं, जिससे बरसात के दौरान जलभराव और बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क और नाली की समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल आश्वासन देकर रह जाते हैं। बदबूदार पानी और सफाई व्यवस्था पर सवाल वार्ड के कई घरों में नगर निगम की सप्लाई का पानी बदबूदार और पीले रंग का आता है। लोगों का कहना है कि इसी पानी का उपयोग करने से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही नियमित सफाई नहीं होने के कारण नालियों में कचरा जमा रहता है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। लोगों ने सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया। जलभराव और नालियों की समस्या से लोग परेशान आदर्श श्रीवास्तव ने बताया कि हाल की बारिश में उनके घर के अंदर तक पानी भर गया था, जिसे टैंकर लगाकर निकलवाना पड़ा। उनका कहना है कि नालियां चोक हैं और मुख्य नाले में भी पानी का बहाव ठीक से नहीं हो पाता। वहीं राजकुमार ने बताया कि उनके मोहल्ले में नाली ही नहीं है, जिससे गंदा पानी घरों के पास जमा रहता है और बीमारियों का खतरा बना रहता है। कहीं विकास की सराहना, कहीं बुनियादी सुविधाओं की मांग अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि पहले मोहल्ले में जलभराव की समस्या थी, लेकिन सड़क बनने के बाद काफी राहत मिली है। उन्होंने अब गैस पाइपलाइन और सीवर लाइन बिछाने की मांग की। वहीं हुमायूपुर उत्तरी हरिजन बस्ती के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि उनके इलाके में न अधिकारी आते हैं और न ही नियमित सफाई व छिड़काव होता है, जिससे लोग परेशान हैं। बच्चों ने की पार्क की मांग 10 वर्षीय एक बच्चे ने बताया कि मोहल्ले में खेलने के लिए कोई पार्क नहीं है। बच्चे सड़क पर खेलते हैं और अक्सर गेंद नाले में चली जाती है। उसने मोहल्ले में एक पार्क बनाने की मांग की, ताकि बच्चों को सुरक्षित स्थान पर खेलने की सुविधा मिल सके। ————– ये खबर भी पढ़िए… कालाबाजारी-चोरबाजारी हो रही है…:वार्ड-16 के लोग जलभराव व गंदगी को लेकर खफा, बोले-सांसद स्पेन से तुलना क्यों करते हैं कालाबाजारी-चोरबाजारी हो रही है। सांसद रवि किशन गोरखपुर की तुलना स्पेन से करते हैं, लेकिन चंद घंटों की बारिश में लोगों के घरों में पानी घुस रहा है। हर साल टैक्स भरते हैं, लेकिन नगर निगम कोई सुविधा नहीं देता…। यह आरोप वार्ड-16 के लोगों ने लगाए हैं। यहां के हालात देखें तो उनकी नाराजगी जायज भी नजर आती है। वार्ड में जलभराव की समस्या गंभीर है और लंबे समय से बनी हुई है। घरों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। लोगों का कहना है कि नगर निगम का पानी पीकर हम और हमारे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… ————– ये खबर भी पढ़िए… बिजली विभाग वाले पानी की पाइप तोड़ देते हैं…:वार्ड-27 के लोगों का आरोप; बोले- घर-दुकान में पानी घुसता है, पार्षद अनसुनी करते हैं पार्षद एक कान से सुनते हैं, दूसरे से निकाल देते हैं। बिजली विभाग वाले बार-बार पानी की पाइप तोड़ देते हैं। बाद में हम अपने पैसे से पाइप बनवाते हैं। दुकान और घर के अंदर एक-एक फुट पानी घुसने लगा है…। ये शिकायतें गोरखपुर के वार्ड-27 जटेपुर के लोगों की हैं। आधे घंटे की बारिश में सड़कें तालाब बन जाती हैं, घरों और दुकानों में पानी घुस जाता है। नालियों का मुख्य नाले से कनेक्शन नहीं होने के कारण हर बरसात में वार्ड डूब जाता है। ऊपर से बदबूदार पेयजल, जाम नालियां, टूटी सड़कें, आवारा पशुओं का आतंक और बदहाल सफाई व्यवस्था ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने विकास के दावों की पोल खोली। उनका आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद समाधान नहीं होता, जबकि नगर निगम के विकास के दावे जमीनी हकीकत से बिल्कुल उलट नजर आते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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टैक्स दिया, फिर भी न सड़कें बनाईं न सफाई कराई:वार्ड-15 में नगर निगम से लोग खफा; नालियां जाम, घरों में पहुंच रहा गंदा पानी