जौनपुर में ई-रिक्शा चालकों और मजदूरों के हक में मुहिम:अवैध वसूली और उत्पीड़न रोकने के लिए संगठन ने उठाई आवाज


जौनपुर में राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने ई-रिक्शा चालकों और मजदूरों के हक में एक मुहिम शुरू की है। संगठन के प्रदेश सचिव और जिलाध्यक्ष विनय जायसवाल इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। इसका मुख्य मकसद गरीब और असहाय मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना है। साथ ही उनके साथ होने वाले शोषण और उत्पीड़न को रोकना भी है। संगठन का कहना है कि ई-रिक्शा चालक, मजदूर और समाज का कमजोर वर्ग शहर की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। ये लोग दिन-रात मेहनत कर शहर की व्यवस्था को चलाते हैं। ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह का अन्याय, अवैध वसूली या मानसिक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विनय जायसवाल ने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य ई-रिक्शा चालकों के साथ होने वाली अवैध वसूली और मानसिक उत्पीड़न को रोकना है। इसके अलावा, गरीब और असहाय मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना भी इसका लक्ष्य है। संगठन उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा। संगठन का मानना है कि जरूरत पड़ने पर कानूनी और सामाजिक मदद भी देगा। संगठन ने लोगों से अपील की है कि वे अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं। संगठन का मानना है कि अकेले शिकायत करने से असर कम होता है। सामूहिक कोशिशों से व्यवस्था में अच्छा बदलाव लाया जा सकता है। राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने गरीब, मजदूर, ई-रिक्शा चालक और अन्य जरूरतमंद लोगों से संगठन से जुड़ने की अपील की है। पदाधिकारियों ने कहा कि इस मुहिम को गांव, मोहल्ले और शहर के हर इलाके तक पहुंचाया जाएगा। इससे जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी। इस दौरान संगठन ने “मजदूर एकता जिंदाबाद” और “गरीब उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे भी लगाए। इसके जरिए एकजुटता का संदेश दिया गया।

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