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जौनपुर। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों में बुनियादी भाषायी व गणितीय दक्षता मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने ‘निपुण भारत मिशन’ के तहत नई पहल की है। बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा शिक्षण से जुड़े 10 महत्वपूर्ण नियम लागू किए हैं, जिनके तहत अब विद्यालयों में रटाने की बजाय समझाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सामाजिक व भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और कक्षा के वातावरण को सहज, सुरक्षित व सकारात्मक बनाना है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) समीर कुमार ने बताया कि इन नए निर्देशों के बारे में गत 14 जुलाई को प्रयागराज में आयोजित एक कार्यशाला में भी जानकारी दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विद्यालयों में इन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। नए नियमों के अनुसार, बच्चों की समझ की वास्तविक जांच के लिए शिक्षक केवल सामूहिक उत्तरों पर निर्भर नहीं रहेंगे। इसके बजाय, वे ‘थंब्स अप-थंब्स डाउन’, पर्ची पर सही विकल्प लिखवाना या नाम लेकर प्रश्न पूछने जैसी विभिन्न रणनीतियाँ अपनाएंगे। इसके अतिरिक्त, हर सप्ताह ‘मैंने सीख लिया’ कार्यपत्रक (वर्कशीट) के माध्यम से बच्चों का साप्ताहिक आकलन भी स्कूलों में किया जाएगा।
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जौनपुर के प्राथमिक स्कूलों में अब रटाना नहीं:निपुण भारत मिशन के तहत समझाने पर जोर, अपर मुख्य सचिव ने दिये निर्देश