जलकल विभाग के औचक निरीक्षण में खुली लापरवाही की परतें:लखनऊ में 232 शिकायतें मिलीं डिफॉल्टर, फर्जी निस्तारण पर मंडलायुक्त ने कब5-कार्यवाही होगी


लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बुधवार को ऐशबाग स्थित जलकल विभाग के महाप्रबंधक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लंबित शिकायतों का अंबार, कार्यालयीय अनुशासन में खामियां और सीवर व्यवस्था की बदहाल स्थिति सामने आई। मंडलायुक्त ने फर्जी निस्तारण पर कड़ी नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण की तस्वीरें

उपस्थिति रजिस्टर की जांच में मिली अनियमितताएं निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने उपस्थिति और अवकाश पंजिका का परीक्षण किया। इसमें पाया गया कि अनुपस्थित कर्मचारियों को नियमित रूप से सीएल स्वीकृत कर दी जाती है। पांच जून की उपस्थिति पंजिका की जांच में भी विलंब से आने और बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को सीएल दिए जाने का मामला सामने आया। इस पर उन्होंने जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
कर्मचारियों के भ्रमण का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला कार्यालय में कर्मचारियों के फील्ड भ्रमण और निरीक्षण का कोई अलग अभिलेख नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने महाप्रबंधक को तत्काल भ्रमण पंजिका संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि हर कर्मचारी के बाहर जाने का उद्देश्य, स्थान और समय दर्ज हो सके।
कंट्रोल रूम में मिली शिकायतों की भारी पेंडेंसी शिकायत निस्तारण की समीक्षा में पता चला कि दूरभाष के माध्यम से प्राप्त 232 शिकायतें सात दिन से अधिक समय से लंबित हैं। इनमें सबसे पुरानी शिकायत एक फरवरी 2025 की है। नगर निगम से प्राप्त 847 लंबित शिकायतों में 357 शिकायतें सात दिन से अधिक समय से लंबित पाई गईं।
SUEZ INDIA के जोनल मैनेजर के स्तर पर 110 शिकायतें लंबित निरीक्षण के दौरान पाया गया कि SUEZ इंडिया के जोनल मैनेजर योगेश सिंह के स्तर पर 110 शिकायतें लंबित हैं, जिनमें 31 शिकायतें री-ओपन श्रेणी की हैं। वहीं जेई डी.बी. सिंह के स्तर पर 52 शिकायतें लंबित मिलीं, जिनमें 21 शिकायतें दोबारा खोली गई थीं।
शिकायतकर्ताओं से सीधे बात कर परखी हकीकत मंडलायुक्त ने कंट्रोल रूम से ही कई शिकायतकर्ताओं से फोन पर बातचीत कर निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानी। जांच में सामने आया कि कई शिकायतों में कार्य अधूरा होने के बावजूद उन्हें निस्तारित दिखा दिया गया था। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कागजी और फर्जी निस्तारण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नकारात्मक खबरों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश उन्होंने जलकल विभाग से संबंधित समाचारों और शिकायतों की समीक्षा करते हुए महाप्रबंधक को निर्देश दिए कि सभी नकारात्मक खबरों पर तत्काल संज्ञान लेकर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। साथ ही शिकायतों से जुड़ी वॉइस रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के भी निर्देश दिए।
अलीगंज पहुंचकर खुद किया स्थलीय सत्यापन री-ओपन शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मंडलायुक्त स्वयं सेक्टर-एच, अलीगंज पहुंचे और शिकायतकर्ता से बातचीत कर मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने वहां सीवर लाइन और मेनहोलों की स्थिति का जायजा लिया।
चोक सीवर और टूटे मेनहोलों पर जताई नाराजगी निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित क्षेत्र की सीवर लाइन पूरी तरह चोक है और बारिश के दौरान सीवर ओवरफ्लो होने की आशंका है। कई स्थानों पर मेनहोल के ढक्कन टूटे और जर्जर हालत में मिले। इस पर मंडलायुक्त ने विशेष अभियान चलाकर सभी चोक सीवर लाइनों की सफाई और क्षतिग्रस्त ढक्कनों को बदलने के निर्देश दिए।
दुर्घटना होने पर तय होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने चेतावनी दी कि यदि वर्षा ऋतु के दौरान सीवर ओवरफ्लो, जलभराव या क्षतिग्रस्त मेनहोल के कारण कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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