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रायबरेली के अमावा विकासखंड स्थित सिधौना बिजली उपकेंद्र पर ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहत 12 बजे प्रदर्शन किया। रसेहता ग्राम सभा के दर्जनों उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और संविदा कर्मियों द्वारा अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ट्रांसफॉर्मर और पूरी बिजली लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। इसके कारण हर कुछ दिनों में ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज उड़ जाता है या बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है, जिससे पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। प्रदर्शनकारी ग्रामीण संदीव कुमार सविता और अतीकुन्निसां ने बताया कि लाइन खराब होने पर उपकेंद्र के संविदा कर्मचारी मरम्मत के नाम पर हर घर से पैसे मांगते हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारी बिना तकनीकी जानकारी वाले लोगों को चलती लाइन ठीक करने भेज देते हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा रहता है। ग्रामीणों से चंदा वसूलकर इकट्ठा किए गए पैसों के कथित दुरुपयोग का आरोप भी लगाया गया। उपभोक्ताओं ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं। उन्होंने मांग की कि यदि विभाग को बिजली चोरी का संदेह है, तो गांव में जांच कर कार्रवाई करे, लेकिन आम जनता का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं और मौके पर मौजूद जूनियर इंजीनियर (जेई) के बीच बातचीत हुई। ग्रामीणों की मांगों को देखते हुए जेई ने तुरंत समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जर्जर लाइनों और ट्रांसफॉर्मर की तकनीकी खामियों को जल्द ठीक किया जाएगा। साथ ही, मरम्मत के नाम पर पैसे मांगने वाले संविदा कर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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जर्जर लाइन, अवैध वसूली पर ग्रामीणों का प्रदर्शन:रायबरेली में उपकेंद्र पर जेई से तीखी बहस, कार्रवाई का आश्वासन मिला