जर्जर पानी टंकी गिराई, सामने से गुजरी स्कूली बस:गाजीपुर में ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल


गाजीपुर के आलमपट्टी स्थित कैथवालिया-बिंदवालिया पेयजल योजना की एक जर्जर शिरोपरि जलाशय (पानी टंकी) के ध्वस्तीकरण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में टंकी गिराते समय सामने की सड़क से एक स्कूली बस गुजरती नजर आ रही है, जिसमें बच्चे भी दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जल निगम ग्रामीण के अनुसार, यह शिरोपरि जलाशय वर्ष 1979 में बनाया गया था और लंबे समय से जर्जर एवं निष्प्रयोज्य हो चुका था। जनसुरक्षा को देखते हुए हाल ही में 13 अगस्त को इसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता ने बताया कि जिले में कुल 38 जर्जर एवं निष्प्रयोज्य शिरोपरि जलाशयों को ध्वस्त कर नए जलाशय बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इनमें से 27 जलाशयों का ध्वस्तीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 11 पर कार्रवाई बाकी है। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि जब टंकी गिराई जा रही थी, उसी समय सड़क से एक बस गुजर रही थी जिसके अंदर बच्चे मौजूद थे। यह दृश्य सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है कि इतनी बड़ी और जर्जर संरचना को गिराते समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही को क्यों नहीं रोका गया। यदि ध्वस्तीकरण के दौरान टंकी का कोई हिस्सा सड़क की ओर गिर जाता या मलबा बस तक पहुंच जाता, तो उसमें सवार बच्चों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या ध्वस्तीकरण से पहले सड़क को दोनों ओर से बंद किया गया था और मौके पर सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे। विभाग ने कहा- सुरक्षा मानकों का पालन किया गया जल निगम ग्रामीण के मुताबिक जर्जर शिरोपरि जलाशयों का ध्वस्तीकरण जनसुरक्षा और पेयजल व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कराया जा रहा है। विभाग का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया एवं सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए आलमपट्टी स्थित जर्जर जलाशय को ध्वस्त किया गया। हालांकि, वायरल वीडियो में टंकी गिराए जाने के दौरान स्कूली बस और उसमें दिखाई दे रहे बच्चों का गुजरना ध्वस्तीकरण की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़ा करता है। अब यह जांच का विषय है कि कार्रवाई के दौरान यातायात रोकने और आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किस स्तर तक किया गया। 38 जर्जर टंकियों पर होनी है कार्रवाई विभाग के अनुसार जिले में कुल 38 जर्जर एवं निष्प्रयोज्य शिरोपरि जलाशयों को ध्वस्त किया जाना है। इनमें से 27 का ध्वस्तीकरण पूरा हो चुका है और शेष 11 जलाशयों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। अभियान का उद्देश्य जर्जर टंकियों से संभावित दुर्घटना के खतरे को खत्म करना और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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