जबड़ा-जीभ और चेहरा फिर बनाया, एसएन में सफल सर्जरी:दो सप्ताह में पांच मरीजों का हुआ जटिल कैंसर ऑपरेशन, सभी की हालत स्थिर


कैंसर के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने वाले आगरा और आसपास के मरीजों के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज से राहत की खबर है। यहां आंको सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी की संयुक्त टीम ने दो सप्ताह में हेड एंड नेक कैंसर के 5 गंभीर मरीजों की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की। किसी मरीज का जबड़ा निकाला गया तो किसी की जीभ और चेहरे के प्रभावित हिस्से का रिकंस्ट्रक्शन किया गया। सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। किसी का जबड़ा निकाला, किसी की जीभ का किया रिकंस्ट्रक्शन
रायबरेली के 42 वर्षीय किशान के मुंह के दाहिनी ओर कैंसर था। उनकी कमांडो सर्जरी के बाद छाती के ऊतक से रिकंस्ट्रक्शन किया गया। आगरा के 31 वर्षीय दीपक के बक्कल म्यूकोसा में कैंसर था। उनकी कमांडो सर्जरी के साथ जबड़े का प्रभावित हिस्सा निकाला गया और अंदर-बाहर के हिस्से का रिकंस्ट्रक्शन किया गया। कासगंज के 62 वर्षीय हरिकिशन की आंख के पास बेसल सेल कार्सिनोमा था। कैंसर निकालने के बाद आंख और चेहरे का जटिल रिकंस्ट्रक्शन माथे के फ्लैप से किया गया। सेवला-रोहता की 41 वर्षीय मुमताज की सिर की त्वचा में स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा था। कैंसर निकालकर ट्रांसपोजिशन फ्लैप से रिकंस्ट्रक्शन किया गया। कासगंज की 55 वर्षीय रजनी की जीभ में कैंसर था। उनकी जीभ के प्रभावित हिस्से को निकालकर रिकंस्ट्रक्शन किया गया। डॉक्टरों के अनुसार अब वे बोल और खाना खा पा रही हैं। कैंसर निकालने के बाद प्रभावित हिस्से को बनाना भी चुनौती
कैंसर सर्जन डॉ. वरुण कुमार अग्रवाल ने बताया कि जटिल कैंसर सर्जरी में सिर्फ कैंसरग्रस्त हिस्सा निकालना ही चुनौती नहीं है। उसके बाद चेहरे, जबड़े या जीभ जैसे हिस्सों का रिकंस्ट्रक्शन भी जरूरी होता है। आंको सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी टीम के समन्वय से इन सभी ऑपरेशन को पूरा किया गया। पहले दिल्ली-जयपुर जाना पड़ता था
डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि कुछ वर्ष पहले तक आगरा और आसपास के मरीजों को इस स्तर की सर्जरी के लिए दिल्ली, जयपुर या दूसरे बड़े चिकित्सा केंद्रों में जाना पड़ता था। इससे परिवारों पर इलाज के साथ यात्रा और रहने का अतिरिक्त खर्च भी आता था। एसएन में विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार से अब ऐसी जटिल सर्जरी स्थानीय स्तर पर करने की क्षमता बढ़ी है। निजी अस्पताल में लाखों का खर्च, यहां सरकारी व्यवस्था में इलाज
डॉ. शुभजीत बारीक ने बताया कि इस तरह की जटिल सर्जरी निजी और कॉरपोरेट अस्पतालों में लाखों रुपए तक की हो सकती है। एसएन मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान, साध्य और अन्य पात्र कार्डधारकों का इलाज सरकारी व्यवस्था के तहत निःशुल्क किया जा रहा है। इन सर्जरी में कैंसर सर्जन डॉ. वरुण कुमार अग्रवाल, डॉ. गौरव सिंह, डॉ. शुभजीत और प्लास्टिक सर्जन डॉ. श्रीप्रिया की प्रमुख भूमिका रही। जूनियर रेजिडेंट डॉ. कोमल और डॉ. हरिओम के साथ एनेस्थीसिया टीम ने भी सहयोग किया। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने टीम को बधाई दी। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. ऋचा जयमन ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य जटिल ऑपरेशन आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम के साथ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *