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बलिया में बेल्थरारोड के पलिया कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को थाली की जगह हाथों में रोटी-सब्जी देकर मिड-डे मील खिलाने का मामला अब विभागीय जांच के बाद बड़े प्रशासनिक एक्शन तक पहुंच गया है। वायरल फोटो के बाद शुरू हुई जांच में विद्यालय की व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही सामने आने पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है। सात सहायक शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है, जबकि एक अनुदेशिका की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही शिक्षामित्र और रसोइयों को भी अंतिम चेतावनी जारी की गई है। इस कार्रवाई ने उस समय के खंड शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) सीयर सुनील कुमार चौबे के उस बयान पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें उन्होंने बच्चों के हाथ में रोटी लेकर खाने को उनकी “पसंद” बताया था और खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकारों पर अनावश्यक हैरान करने का आरोप लगाया था। अब विभागीय जांच में उसी व्यवस्था को गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की गई है, जिससे एबीएसए के तत्कालीन बचाव पर भी चर्चा तेज हो गई है। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने बताया कि 31 जुलाई को विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें बच्चे थाली की बजाय हाथों में रोटी-सब्जी लेकर भोजन करते दिखाई दे रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एक अगस्त को विद्यालय के पूरे शैक्षिक स्टाफ और रसोइयों से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन किसी का जवाब संतोषजनक नहीं मिला। जांच में खुली विद्यालय की कई परतें विभागीय जांच के दौरान केवल मिड-डे मील व्यवस्था ही नहीं, बल्कि विद्यालय की कार्यप्रणाली से जुड़ी कई गंभीर कमियां भी सामने आईं। बीएसए के अनुसार, आपसी रंजिश के चलते अनुदेशिका निर्मला भारती द्वारा फोटो वायरल किया गया। जांच में शिक्षकों के बीच गुटबाजी, आपसी समन्वय का अभाव और द्वेषपूर्ण वातावरण की पुष्टि भी हुई, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा था। जांच में विद्यालय में लगातार घटते नामांकन को भी गंभीरता से लिया गया। सत्र 2024-25 में जहां 210 छात्र नामांकित थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर 170 रह गई। वर्तमान सत्र 2026-27 में नामांकन और घटकर 155 पर पहुंच गया। स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण को लगभग एक माह बीतने के बाद भी विद्यालय में केवल 11 नए छात्रों का प्रवेश होना विभाग ने शिक्षकों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला माना। शिक्षक डायरी अधूरी मिली सुनवाई के दौरान शिक्षकों की डायरी का निरीक्षण किया गया, जो अधूरी मिली। विभाग ने इसे शैक्षणिक दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही माना। जांच में यह भी सामने आया कि विद्यालय में मिड-डे मील वितरण के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध थे, इसके बावजूद बच्चों को हाथ में भोजन लेकर खाना पड़ा। विभाग ने इसे मिड-डे मील योजना के संचालन में गंभीर लापरवाही और विभाग की छवि धूमिल करने वाला कृत्य माना। भोजन वितरण और निगरानी में मिली खामियां जांच में पाया गया कि चारों रसोइयों ने बच्चों को पंक्तिबद्ध बैठाकर भोजन नहीं कराया। वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापिका, शिक्षक, अनुदेशकों और शिक्षामित्र ने भी भोजन वितरण के दौरान समुचित निगरानी नहीं की। विभाग ने इसे प्रभावी नेतृत्व के अभाव और पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही करार दिया। प्रधानाध्यापिका निलंबित, सात शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि खंड शिक्षा अधिकारी सीयर की संस्तुति, असंतोषजनक स्पष्टीकरण और जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका किरन देवी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सहायक अध्यापक विमलावती देवी, अमरेश चंद्र, आलोक कुमार पांडेय, राम बहादुर यादव, महंगी राम, बबिता और अवधेश कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। शिक्षामित्र इंद्रजीत यादव और अनुदेशिका रीता देवी को अंतिम चेतावनी जारी की गई है। चारों रसोइयों को भी चेतावनी दी गई है। फोटो वायरल करने वाली अनुदेशिका पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई जांच में फोटो वायरल करने के लिए जिम्मेदार मानी गई अनुदेशिका निर्मला भारती के खिलाफ सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बीएसए ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता सामने आने पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मिड-डे मील से शुरू हुआ मामला बच्चों को हाथ में रोटी-सब्जी देकर भोजन कराने की घटना से शुरू हुआ यह मामला अब विद्यालय की भोजन व्यवस्था, शिक्षकों की गुटबाजी, घटती छात्र संख्या, कमजोर शैक्षणिक माहौल और प्रशासनिक जवाबदेही तक पहुंच गया है। विभाग की सख्त कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मची हुई है, वहीं तत्कालीन एबीएसए के बचाव को लेकर भी नए सवाल उठने लगे हैं।
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छात्रों को हाथ में रोटी देने पर हेडमास्टर सस्पेंड:बलिया में 7 टीचरों पर भी एक्शन, ABSA ने बच्चों की पसंद बताया था