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उत्तरप्रदेश में सरायन, कठना, छोटी सरयू, क्वानो, सई, रामगंगा नदियां उफान पर हैं। इससे सीतापुर, अंबेडकरनगर, गोंडा, लखनऊ और शाहजहांपुर जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, फैजुल्लागंज इलाके के 40 हजार मकानों में तीन-तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। बिहार से मानसून की विदाई शुरू हो गई है। लेकिन 6 जिलों के करीब 466 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सारण में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर है। हालांकि, पटना में गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है। छत्तीसगढ़ में बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। दुर्ग और कोंडागांव में बारिश के साथ ओले भी गिरे। दुर्ग में एक निर्माणाधीन मकान के आसपास 2 बार बिजली गिरी। दूसरी बार बिजली गिरने से वहां काम कर रहे एक मजदूर की मौत हो गई। उत्तराखंड में बुधवार को 8 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। वहीं, यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर सारीगाड़ के पास लैंडस्लाइड होने से रास्ता बंद हो गया है। चमोली में भारी स्नोफाल से हेमकुंड साहिब धाम बर्फ की सफेद चादर से ढंक गया है। राजस्थान में 12 अक्टूबर बाद से रात में ठंडक बढ़ने लगेगी। वहीं, 11-12 अक्टूबर को वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के असर से राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों में बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग और कोंडागांव में ओले गिरे:बिहार में 466 गांव बाढ़ की चपेट में, यूपी में 6 नदियां डेंजर लेवल से ऊपर बह रहीं