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चंदौली जिले में 26 घंटे के भीतर तीन लोगों की सिर में गोली मारकर हत्या करने वाले कथित साइको किलर गुरप्रीत सिंह को सोमवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस, जीआरपी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई दरियापुर गांव के पास रेलवे लाइन किनारे हुई। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर घटनास्थल का क्राइम सीन रीक्रिएट कराने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी ने एक पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी आंशिक रूप से घायल हुए हैं। घायल आरोपी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि आरोपी ने जिले में 26 घंटे के भीतर अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या की थी। सभी वारदातों में उसने पीड़ितों के सिर को निशाना बनाया।
गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र 2020 में आर्मी से रिटायर हुआ था। वह अमृतसर का रहने वाला बताया जा रहा था। उस पर तीन लोगों की हत्या करने का आरोप था। पुलिस का कहना है कि सीरियल किलिंग करने वाले गुरप्रीत का कोई परमानेंट ठिकाना नहीं था। वो शादीशुदा था। लेकिन पत्नी और बच्चों के बारे में कुछ भी बता नहीं रहा था। पकड़े जाने पर पुलिस से यह कहा था… मैं आर्मी जवान, अपने मन का राजा
मैं आर्मी जवान हूं। शराब पीने के बाद होश में नहीं रहता। मेरा दिमाग काम करना बंद कर देता है। इसके बाद मैं घूम-घूमकर जो मन में आता है, वो करता हूं। मैं लोगों को मार भी देता हूं। मुझे कोई रोक नहीं सकता। ‘ पहले 2 तस्वीरें देखिए… अब समझिए गुरप्रीत ने तीन हत्याएं कैसे कीं… 2 ट्रेनों में चढ़ा, 2 यात्रियों की कनपटी पर मारी गोली रविवार सुबह आरोपी गुरप्रीत सिंह चंदौली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (पीडीडीयू जंक्शन) पर एक पैसेंजर ट्रेन में सवार हुआ। वह अपनी पीठ पर एक बैग लादे था। सुबह के करीब 7 बज रहे थे। ट्रेन जिला मुख्यालय से करीब 16 किमी दूर पहुंच चुकी थी। कुचमन स्टेशन से पहले उसकी किसी बात पर यात्री मंगरू (34) से कहासुनी हो गई। तभी गुरप्रीत ने मंगरू की कनपटी पर गोली मार दी। मंगरू की मौके पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी ने शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इसके बाद ताजपुर गांव के पास ट्रेन धीमी होने पर कूदकर फरार हो गया। इसके बाद वह करीब 9 किमी दूर व्यासनगर गांव पहुंचा। फिर पीडीडीयू जंक्शन से जम्मूतवी जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ गया। रविवार रात करीब 2 बजे गुरप्रीत ने बिहार के दिनेश साहू (42) की हत्या कर दी। उस समय दिनेश बाथरूम गए थे। जैसे ही वह बाहर निकले, आरोपी गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर यात्री मौके पर पहुंचे और देखा कि दिनेश का शव खून से लथपथ पड़ा था। व्यासनगर रेलवे स्टेशन के चलते ट्रेन की स्पीड धीमी थी, मौका पाकर गुरप्रीत ट्रेन से उतर गया। पुलिस को चलती ट्रेन में दूसरी हत्या होने के बाद शक हुआ कि करीब 18 घंटे में दूसरी वारदात हुई है। मर्डर का तरीका एक जैसा है, ऐसे में हत्यारा एक ही हो सकता है। पुलिस ने अपनी पड़ताल इसी दिशा में शुरू की। अस्पताल में हत्या के बाद उलझी पुलिस
दूसरे मर्डर के 6 घंटे बाद ही व्यासनगर से करीब 3 किमी की दूरी पर जीवक अस्पताल में घुसकर महिला के सिर में गोली मार दी गई। करीब 26 घंटे में तीन हत्याओं से पुलिस परेशान हो गई। महिला के सिर पर गोली लगने से पुलिस का शक गहराया, लेकिन दो हत्याएं ट्रेन में और तीसरी अस्पताल में होने से पुलिस उलझ गई।
भीड़ ने पुलिस का काम किया आसान
मुगलसराय के सीओ अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, तीनों हत्याओं की गुत्थी सुलझाने के लिए चंदौली के अलावा प्रयागराज पुलिस कमिश्नर प्रशांत राय भी जुटे थे। जब गुरप्रीत को पकड़ा गया तो वो घायल था। अस्पताल में महिला की हत्या करने के बाद आरोपी गुरप्रीत को पकड़ लिया था। उसे जमकर पीटा था। पुलिस ने इलाज कराया। जब वो कुछ बोलने लायक हुआ तो महिला की हत्या करने की वजह पूछी गई। इस दौरान वो खुद को अपने मन का राजा बताने लगा। कहने लगा कि एक नहीं दो–तीन को मारकर आया हूं। ये जवाब सुनकर पुलिस भी चौंक उठी। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया हुलिया
पुलिस ने गाजीपुर के रहने वाले प्रवेश कुमार यादव को बुलाया। जब पैसेंजर ट्रेन में मंगरू की हत्या की गई, वे वहीं मौजूद थे। उनसे पुलिस ने आरोपी का हुलिया पूछा। प्रवेश ने बताया, चेहरा साफ नहीं देख पाया। लेकिन हत्यारे ने सिर पर भगवा रंग का गमछा बांध रखा था। पैंट-शर्ट पहन रखी थी। कद करीब 6 फीट है। पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत का हुलिया मैच कराया। इसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने ट्रेन में दो हत्याएं करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने हत्या की वजह पूछी तो कहने लगा कि शराब पीने के बाद जो मन में आता है, वो करता हूं। आर्मी का जवान हूं। इसके बाद नाम और पता खंगाला गया तो उसका पता अमृतसर का मिला। ऑटो चालक ने हाथ पकड़कर पिस्टल छीने
ऑटो चालक आलोक दुबे ने बताया- मैंने दोनों हाथों में उसे पिस्टल लिए देखा तो जीवक हॉस्पिटल की बाउंड्रीवाल के पास दौड़ाकर उसके हाथ ऐंठ दिए। जब उसकी पकड़ कमजोर हुई तो बाकी लोगों की मदद पिस्टल छीनी। तब जाकर लोगों ने उसे पीटा। तब पुलिस को सूचना देकर बुलाया गया। अब सिलसिलेवार तीनों वारदातें जानिए… 1- अस्पताल में घुसकर महिला गोली मारी जगह- चंदौली का जीवक अस्पताल, समय- सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे…। चंदौली जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर अलीनगर थाना क्षेत्र में जीवक अस्पताल है। बिहार के भभुआ जिले के चैनपुर थाना के बहोवना गांव की रहने वाली लक्ष्मीना देवी (55) का पैर टूट गया था। उन्हें पिछले माह 5 अप्रैल को जीवक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक रिश्तेदार भी उसके साथ था। हमलावर वीरेंद्र सोमवार सुबह मुंह बांधकर इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा। वह बेड पर लेटी महिला के पास गया। सीधे कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। हत्या से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी फायरिंग करते हुए भागने लगा। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और उससे पिस्टल छीन ली। इसके बाद भीड़ ने आरोपी की पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया। ऑटो ड्राइवर बोला- फायरिंग करते हुए हमलावर भागा
एडीजी पीयूष मोर्डिया ने भी अस्पताल पहुंचकर जांच की। ऑटो चालक विनोद दुबे ने बताया कि महिला की हत्या के बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भाग रहा था। उस समय वह अस्पताल के बाहर एक मरीज को उतार रहा था। भीड़ के चिल्लाने पर उन्होंने उसे पकड़ लिया। आरोपी ने उन पर असलहा तान दिया, लेकिन उन्होंने उसके हाथ मरोड़ दिए। असलहा जमीन पर गिर गया। इसके बाद उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। तभी भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने उसे घेर लिया। उसके दोनों हाथ गमछे से बांध दिए गए। कुछ लोगों ने आरोपी को ईंट-पत्थरों से भी मारा। इससे वह घायल हो गया। हालांकि, समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले गई। स्टाफ ने बेड के नीचे छिपकर बचाई जान
जीवक अस्पताल स्थानीय डॉक्टर सुनील कुमार गौतम का है। सुनील ने बताया- हमलावर इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा था। स्टाफ नर्स को उसकी हरकतें संदिग्ध लगीं, तो उसने उसे वार्ड बॉय के पास भेज दिया। इसी बीच, आरोपी भर्ती मरीजों के वार्ड में घुस गया और वहां महिला पर गोली चला दी। आरोपी ने स्टाफ पर भी गोली चलाने की कोशिश की। लोगों ने बेड के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। मुंह बांधकर वार्ड में घुसा था व्यक्ति
मृतका की रिश्तेदार सुनीता देवी ने बताया कि घटना के समय वह जीवक अस्पताल में मौजूद थीं। उसी दौरान एक व्यक्ति मुंह बांधकर वार्ड में घुस आया और अजीबोगरीब हरकतें करने लगा। उन्होंने बताया कि शुरू में लोगों को लगा कि वह पागल है, इसलिए सभी उससे दूरी बना लिए। इसके बाद वह लक्ष्मीना देवी के पास पहुंचा और असलहे से उनके सिर में गोली मार दी। घटना को देखकर सभी लोग दंग रह गए। इसके बाद आरोपी वार्ड से बाहर भाग गया। उसकी हरकतों से अस्पताल में मौजूद लोग काफी डर और दहशत में आ गए थे। 2- ट्रेन में बाथरूम से निकलते ही मारी गोली जगह- वाराणसी, रविवार, समय- रात 2 बजे…। बिहार के गया जिले में पिपरिया गांव के रहने वाले दिनेश साहू (42) कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस से सीतापुर के नैमिषारण्य धाम जा रहे थे। वह पत्नी के साथ कोच S-2 में सवार थे, जबकि उनकी बहन, उनके दो बच्चे और सास जनरल कंपार्टमेंट में यात्रा कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 2 बजे मुगलसराय रेलवे स्टेशन से पहले ब्लॉक हट-बी के पास ट्रेन पहुंची थी। उस समय दिनेश बाथरूम गए थे। जैसे ही वह बाहर निकले, आरोपी वीरेंद्र ने गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर यात्री मौके पर पहुंचे। पत्नी भी दौड़कर पहुंची और देखा कि दिनेश का शव खून से लथपथ पड़ा था। ब्लॉक हट-बी के चलते ट्रेन की स्पीड धीमी थी, मौका पाकर वीरेंद्र ट्रेन से उतर गया। यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी। रात 2:42 बजे ट्रेन वाराणसी जंक्शन पहुंची, जहां शव को नीचे उतारा गया।
यात्री के पास 15 हजार रुपए मिले, पत्नी के जेवर सुरक्षित
पुलिस ने बताया, दिनेश साहू के पास करीब 15 हजार रुपए नकद मिले। उनकी पत्नी के जेवर सुरक्षित हैं। घटना के बाद रेलवे पुलिस की एक टीम ट्रेन के साथ आगे गई, ताकि यात्रियों से पूछताछ कर हमलावर के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। वहीं दूसरी टीम दिनेश के गांव भेजी गई है, जहां परिजनों से पूछताछ की जाएगी। 3. पैसेंजर ट्रेन में मारी गोली, रफ्तार कम होते ही भागा जगह- चंदौली, रविवार, समय सुबह 7 बजे…। गाजीपुर के जमानिया थाना क्षेत्र के चौधरी मोहल्ला का रहने वाला मंगरू (34) 15 दिन पहले काम की तलाश में कर्नाटक गया था। वहां पर मछली पकड़ने का काम करने लगा। काम पसंद नहीं आया। इसके बाद मंगरू वापस अपने घर लौट रहा था। वह कर्नाटक से सुपरफास्ट ट्रेन पकड़कर प्रयागराज (डीडीयू) जंक्शन पहुंचा था। यहां से घर जाने के लिए डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर में सवार हुआ था। ट्रेन सुबह 6:30 बजे डीडीयू जंक्शन से रवाना हुई थी। यात्रियों ने बताया- ट्रेन चंदौली में कचमन स्टेशन से पहले अलीनगर थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के पास पहुंची थी। तभी एक व्यक्ति ने मंगरू के माथे पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। मंगरू घायल होकर गिर पड़ा। गोली की आवाज सुनकर ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी ने शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इसके बाद ताजपुर गांव के पास ट्रेन धीमी होने पर कूदकर फरार हो गया। आरोपी ने अस्पताल में वीरेंद्र नाम से पर्चा बनवाया
अलीनगर थाना प्रभारी घनश्याम शुक्ला ने बताया, आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र सोमवार सुबह जीवक अस्पताल पहुंचा था, जहां उसने वीरेंद्र नाम से पर्चा बनवाया था। पर्चे पर डॉक्टर ने चार दवाइयां और एक सिरप लिखा था। इसके बाद वह सीढ़ियों से चढ़कर महिला वार्ड में गया और वहां एक महिला के सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। आरोपी बिहार के आरा में गार्ड की नौकरी करता था। वह पूर्व सैनिक है। इसलिए आर्मी और केंद्रीय एजेंसियां भी उसके बैकग्राउंड की जांच कर रही हैं। सीओ बोले- तीनों हत्याएं गुरप्रीत ने की
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया- पूछताछ के दौरान आरोपी गुरप्रीत सिंह ने चंदौली में हुई तीनों हत्याओं को अंजाम देने की बात कबूल ली है। दो हत्याएं ट्रेन में और एक महिला को अस्पताल में गोली मारी है। आरोपी को अलीनगर थाने की पुलिस की कस्टडी में रखा गया है। ……………………… ये खबर भी पढ़ें थार ने मां- 5 साल की बेटी को कुचला, मौत:हाईवे पर 200 मीटर घसीटा, गुस्साए लोगों ने पथराव किया; रिंग सेरमनी से लौट रही थीं
वाराणसी में रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे थार सवारों ने बाइक सवार मां- मासूम बेटी और देवर को कुचल दिया। हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि देवर गंभीर रूप से घायल हो गया। महिला मौसी की बेटी की रिंग सेरेमनी से लौट रही थी। हादसा शहर के मंडुवाडीह क्षेत्र में प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर हुआ। पूरी खबर पढ़िए…
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चंदौली में साइको किलर गुरप्रीत सिंह मुठभेड़ में ढेर:26 घंटे में 3 मर्डर, पुलिस अफसर की पिस्टल छीनकर फायरिंग करने लगा