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परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया में पीडब्ल्यूडी के डाक बंगले में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने इस दौरान घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं के मुद्दे पर अपनी राय रखी। मंत्री ने कहा कि अब घुसपैठिए वहां बिरियानी नहीं खा पायेंगे। अब घुसपैठिए वहां से बाहर जायेंगे। बंगाल चुनाव में ‘एसआईआर’ (SIR) की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इसका मुख्य काम फर्जी मतदाताओं की पहचान करना था। जिन लोगों के नाम दो-तीन जगहों पर थे, उन्हें अब एक ही जगह कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि मतदान प्रतिशत में हुई वृद्धि एसआईआर के कारण ही संभव हुई, क्योंकि गलत वोट हटा दिए गए थे। कहा- मैं मंत्री हूं मेरे 68 हजार वोट कट गए
विपक्ष के इस आरोप पर कि भाजपा ने एसआईआर के तहत वोट कटवाए हैं, परिवहन मंत्री ने अपना उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “मैं मंत्री हूं और मेरे 68 हजार वोट कट गए। मैं बलिया का निवासी हूं, क्या मैं अपना वोट कटवाऊंगा?” उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोगों के नाम शहर और गांव दोनों जगह थे, कुछ मृतक थे,और कुछ बलिया के बाहर रहते थे, जिनके नाम हटाए गए। मंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने कई लोगों को वोटर लिस्ट में रखने की कोशिश की, लेकिन कुछ ने गांव में तो कुछ ने शहर में रहने की बात कही। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को उनकी हार का नतीजा बताया, जो गलत तरीके से जबरदस्ती वोट डलवाते थे और अब ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। दयाशंकर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने लोगों को स्वतंत्रता और भयमुक्त माहौल दिया,जिसके कारण लोग बूथ तक जाकर वोट डाल सके। पहले गुंडागर्दी के कारण लोग वोट नहीं डाल पाते थे और उनके वोट पड़ जाने की बात कह दी जाती थी।
‘भाजपा लगातार जीत रही है’
विपक्ष द्वारा 2027 का चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष हतोत्साहित हो चुका है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा लगातार हरियाणा, दिल्ली, बिहार, बंगाल, असम और पुडुचेरी सहित हर जगह जीत रही है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि उत्तर प्रदेश में मोदी जी और योगी जी के कारण “सुनामी” आएगी, जिससे विपक्ष की दाल नहीं गलेगी। अखिलेश यादव द्वारा 2027 से पहले महिला आरक्षण बिल लागू करने की मांग के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब यह विधेयक लाया गया था, तब इसे जल्द से जल्द लागू करने की बात कही गई थी, ताकि 2029 तक लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को उनका अधिकार मिल सके। लेकिन जब यह मुद्दा उठा, तो सबसे ज्यादा यही लोग प्रफुल्लित हो रहे थे। बंगाल, असम, पुडुचेरी में जनता ने जवाब दिया
उन्होंने कहा कि बंगाल, असम, पुडुचेरी और तमिलनाडु की जनता ने इन लोगों को जवाब दे दिया है। अब ये लोग भयभीत हैं, क्योंकि इन्होंने आधी आबादी का तिरस्कार किया और उनके अधिकारों को रोकने का प्रयास किया। अब इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा, इसलिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में गंभीर हैं, तो इसे लिखकर लोकसभा अध्यक्ष को दें और संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए, हम समर्थन के लिए तैयार हैं। अखिलेश यादव द्वारा 2023 में पास हुए बिल को लागू करने की बात पर उन्होंने कहा कि 2023 में जो विधेयक पास हुआ, उसमें संशोधन की आवश्यकता थी। वह 2026 की जनगणना के आधार पर लागू होना है, जिससे महिलाओं को तुरंत लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें संशोधन कर 2011 की जनगणना के आधार पर आरक्षण लागू किया जाना चाहिए, ताकि 2029 तक लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को इसका लाभ मिल सके। लेकिन इस दिशा में कदम नहीं उठाया गया। अब यदि सहमति है, तो लोकसभा अध्यक्ष को पत्र देकर पुनः सत्र बुलाया जाए, हम समर्थन के लिए तैयार हैं।
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घुसपैठिए अब वहां बिरियानी नहीं खा पाएंगे, बाहर जाएंगे:मंत्री दयाशंकर सिंह बोले- जो गलत तरीके से वोट डलवाते थे, अब नहीं कर पा रहे हैं