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कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के स्योंदी ललईपुर गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के दौरान पुलिस टीम के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। सूचना पर पहुंची पुलिस को समझाने के दौरान एक पक्ष के लोगों ने गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की कर दी। इस दौरान एक दरोगा और महिला सिपाही को चोट आई। दोनों का उपचार घाटमपुर सीएचसी में कराया गया। पुलिस ने दरोगा की तहरीर पर आठ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घाटमपुर थाने में तैनात दरोगा अभिषेक सिंह ने दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि स्योंदी ललईपुर गांव में दो पक्षों के बीच जमीन पर कब्जे को लेकर मारपीट हो रही है। सूचना मिलने पर वह महिला सिपाही रीमा यादव, दरोगा कृष्णकांत, केशव प्रसाद और धनंजय सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर गांव के राज सिंह, विकास सिंह, धर्मव्रत सिंह, विशाल सिंह, श्याम सिंह की पत्नी, निधि सिंह, सपना सिंह और नीतू सिंह सहित अन्य लोग एकत्र होकर गाली-गलौज कर रहे थे। पुलिस ने जब लोगों को समझाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने पुलिस टीम के साथ अभद्रता शुरू कर दी। इस दौरान दरोगा अभिषेक सिंह के साथ मारपीट और हाथापाई की गई, जिससे उनकी ठुड्डी के नीचे चोट आ गई। वहीं, निधि सिंह और अन्य महिलाओं ने महिला सिपाही रीमा यादव के साथ भी हाथापाई कर दी। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से चले गए। पुलिस ने दरोगा की तहरीर के आधार पर आठ नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि पुलिस टीम से मारपीट के आरोप में राज सिंह, विकास, विशाल, धर्मव्रत और आनंद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने कहा कि पुलिस से मारपीट करना गलत है। अगर किसी को कोई शिकायत थी तो वह एसीपी कार्यालय में आकर अपनी बात रख सकता था। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और अन्य की तलाश की जा रही है।
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घाटमपुर में जमीन विवाद सुलझाने गई पुलिस पर हमला:दरोगा और महिला सिपाही से धक्का-मुक्की, 5 आरोपी जेल भेजे गए