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गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 8 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। बुधवार सुबह 9:30 बजे घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से महज 27 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। मंगलवार सुबह नदी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर नीचे थी। जलस्तर बढ़ने को देखते हुए तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय, 24 घंटे निगरानी प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। यहां 24 घंटे अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बुधवार सुबह 9:30 बजे तक घाघरा नदी में कुल 2,93,365 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गिरजा बैराज से 1,64,038 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,26,629 क्यूसेक और सरयू बैराज से 2,698 क्यूसेक पानी शामिल है। दोपहर बाद कटान बढ़ने की आशंका बाढ़ खंड विभाग के अधिकारी तटबंधों की निगरानी तेज कर रहे हैं। आशंका है कि दोपहर 2 बजे के बाद निचले इलाकों में नदी का कटान बढ़ सकता है। नदी की धारा मोड़ने और कटान रोकने के लिए कर्नलगंज और तरबगंज तहसील क्षेत्रों में लाखों रुपये की लागत से लगाए गए कई परक्यूपाइन पानी में डूब गए हैं या बह गए हैं। नवाबगंज में कटान से ग्रामीण परेशान नवाबगंज के निचले इलाकों में नदी का कटान शुरू होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ रही समस्या के बावजूद अभी तक उन्हें पर्याप्त मदद नहीं मिल सकी है। जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। ड्रोन और सीसीटीवी से तटबंधों की निगरानी गोंडा बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि 24 घंटे पहले नदी का जलस्तर घटने का ट्रेंड था, लेकिन अब इसमें बढ़ोतरी हो रही है। विभाग पूरी तरह अलर्ट है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी दोनों तटबंधों पर तैनात हैं। तटबंधों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। फिलहाल किसी भी तटबंध में कोई दिक्कत नहीं है।
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घाघरा का जलस्तर 24 घंटे में 8 सेमी बढ़ा:2.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, परक्यूपाइन डूबे; बाढ़ चौकियां अलर्ट पर