गोरखपुर में बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया हुई आसान:अब सेल्फ डिक्लेरेशन से मिलेगा कनेक्शन, NOC-निरीक्षण से मिली राहत


गोरखपुर में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए बिजली निगम ने 50 kW तक के नए कनेक्शन की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। अब तक जिन उपभोक्ताओं को निरीक्षण, अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जैसी औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता था, उन्हें बड़ी छूट दी गई है। नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ता केवल स्व-घोषणा के आधार पर ही कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी। नई व्यवस्था का फायदा सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान, निजी संस्थान, निजी नलकूप, निर्माणाधीन भवनों के अस्थायी कनेक्शन और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग तक को मिलेगा। इसके अलावा लिफ्ट और सिंचाई से जुड़े कनेक्शन भी इस दायरे में शामिल किए गए हैं। उपभोक्ता को अपनी स्व-घोषणा में यह बताना होगा कि इंस्टॉलेशन लाइसेंसधारी ठेकेदार से कराया गया है और सभी कार्य निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं। स्व-घोषणा के साथ बढ़ी उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सरकार ने जहां एक ओर प्रक्रिया को आसान किया है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी है। स्व-घोषणा में दी गई जानकारी पूरी तरह सही होनी चाहिए और इंस्टॉलेशन केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) व भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई भी संभव है। बड़े संस्थानों-भीड़भाड़ वाली जगहों पर नियम सख्त जहां 100 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने की संभावना होती है, वहां इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे वाणिज्यिक और संस्थागत प्रतिष्ठानों में कनेक्शन से पहले निरीक्षण और NOC अनिवार्य रहेगा। इसके साथ ही 10 या उससे अधिक बेड वाले अस्पताल, नर्सिंग होम, शैक्षणिक संस्थान, बैंक्वेट हॉल, होटल, हॉस्टल, थिएटर, संग्रहालय और 150 वर्गमीटर से बड़े रेस्टोरेंट में भी सुरक्षा जांच पहले की तरह लागू रहेगी। नियमों से नहीं होगी कोई समझौता बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि 2 kW से अधिक लोड वाले कनेक्शन पर अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर (ELCB) और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही निर्धारित वोल्टेज के अनुसार सभी सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। अधीक्षण अभियंता शहरी रणजीत चौधरी के अनुसार, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य अनावश्यक कागजी कार्यवाही को कम कर उपभोक्ताओं को तेजी से और सुरक्षित तरीके से बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराना है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि छोटे व्यापारियों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

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