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लखनऊ में गोमतीनगर क्षेत्र में गोमती नदी पर बने दो प्रमुख पुल लगातार आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयास की घटनाओं के कारण चिंता का विषय बन गए हैं। हालात यह हैं कि इन पुलों से नदी में कूदने की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। अब पुलिस ने इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से दोनों पुलों पर एंटी-सुसाइड सेफ्टी फेंस, सीसीटीवी कैमरे और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। गोमतीनगर पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर एलडीए को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि सामाजिक परिवर्तन प्रतीक स्थल से 1090 चौराहा को जोड़ने वाला पुल और समता मूलक चौराहा से 1090 चौराहा को जोड़ने वाला पुल आत्महत्या के प्रयासों के लिए संवेदनशील स्थान बनते जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यहां पर्याप्त ऊंचाई की सुरक्षा जाली, निगरानी व्यवस्था और चेतावनी संकेतकों का अभाव है। पुलिस का कहना है कि मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद, आर्थिक परेशानियों या अन्य कारणों से परेशान लोग इन पुलों को आत्मघाती कदम उठाने के लिए चुन रहे हैं। हर घटना के बाद पुलिस को रेस्क्यू ऑपरेशन, शव की तलाश, पंचनामा और अन्य कानूनी कार्रवाई करनी पड़ती है, जिससे प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया है। पुलिस ने बताया कि आरआर बंधा पुल पर पहले से पर्याप्त ऊंचाई की सुरक्षा जाली और अवरोधक लगे हैं, जिसके कारण वहां इस तरह की घटनाएं नहीं होती हैं। इसी मॉडल को अपनाने की सिफारिश दोनों पुलों के लिए की गई है। पुलिस की संस्तुति के साथ एलडीए को भेजे गए पत्र में संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर जल्द सुरक्षा उपाय लागू कराने का अनुरोध किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि इन पुलों पर आरआर बंधा पुल जैसी सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाती है तो आत्महत्या की घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी। पुलिस ने सुझाए ये उपाय पुलों के दोनों ओर ऊंची और मजबूत लोहे की एंटी-सुसाइड जाली लगाई जाए। उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं। आत्महत्या रोकथाम और हेल्पलाइन संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
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गोमती के दो पुल बने ‘सुसाइड प्वाइंट’:पुलिस ने एलडीए से मांगी एंटी-सुसाइड जाली; एलडीए को लिखा पत्र