गोंडा में बाढ़ का खतरा, DM प्रियंका निरंजन पहुंची:बाढ़ चौकी का लिया जायजा; अफसरों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश


गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। नदी के बढ़ते पानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी निगरानी तेज कर दी है। सोमवार शाम करीब 5 बजे जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन अचानक करनैलगंज तहसील के बाढ़ प्रभावित गांव नकहरा पहुंचीं। उन्होंने गांव में पहुंचकर हालात देखे और ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। इसके बाद डीएम ने बाढ़ चौकी गौरा सिंहनापुर का भी निरीक्षण किया। उनके साथ करनैलगंज एसडीएम कुमार सत्यम जीत, आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। राहत और बचाव से जुड़े सभी इंतजाम पहले से तैयार रखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों तक तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। गांव पहुंचकर खुद देखा हाल, ग्रामीणों से पूछीं समस्याएं डीएम ने नकहरा गांव में पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर पूछा कि बढ़ते जलस्तर से उन्हें किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और किन सुविधाओं की जरूरत है।ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद डीएम ने संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी को प्राथमिकता से लिया जाए। किसी भी शिकायत को टालने के बजाय तत्काल उसका समाधान कराया जाए। बाढ़ चौकी पर तैयारियों की जांच गौरा सिंहनापुर की बाढ़ चौकी का निरीक्षण करते हुए डीएम ने राहत और बचाव की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी जरूरी संसाधन पहले से तैयार रखें।डीएम ने कहा कि अगर जलस्तर तेजी से बढ़ता है तो प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए राहत और बचाव से जुड़े सभी इंतजाम दुरुस्त रखे जाएं। अफसर गांवों में घूमते रहें, जलस्तर पर हर वक्त नजर रखने के निर्देश डीएम ने एसडीएम करनैलगंज, एक्सईएन बाढ़ खंड और जिला आपदा विशेषज्ञ समेत अन्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी सिर्फ कार्यालय में बैठकर स्थिति की निगरानी न करें, बल्कि बाढ़ प्रभावित गांवों में जाकर जमीनी हालात देखें। उन्होंने जलस्तर और नदी से जुड़ी परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने को कहा। किसी भी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। प्रशासन पूरी तरह तैयार’, ग्रामीणों को डीएम ने दिलाया भरोसा निरीक्षण के दौरान डीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन घाघरा के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। बाढ़ की स्थिति बिगड़ने पर प्रभावित लोगों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियों में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी संबंधित विभागों के कर्मचारी क्षेत्र में लगातार मौजूद रहें और किसी भी समस्या की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करें।

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