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गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 8 सेंटीमीटर बढ़ा है। बुधवार सुबह 11 बजे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा खतरे के निशान से 81 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ तरबगंज और करनैलगंज तहसील के तटीय इलाकों में कटान का खतरा बना हुआ है। कई जगह नदी किसानों की फसलों को काटकर अपने आगोश में ले रही है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी 28 बाढ़ चौकियों को फिर से अलर्ट मोड पर रखा है। बीते 24 घंटे के दौरान शारदा, गिरजा, सरयू और सुहेली बैराज से घाघरा नदी में कुल 1,64,796 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। प्रशासन नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। तटीय इलाकों में स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीमें शिविर लगाकर लोगों और पशुओं की जांच कर रही हैं। जरूरत के अनुसार दवाइयां दी जा रही हैं। साथ ही संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच किसानों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। तरबगंज और करनैलगंज तहसील के अलग-अलग गांवों में राजस्व विभाग की टीमें बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। जिन किसानों की फसल और जमीन नदी की कटान में प्रभावित हुई है, उनका सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रभावित किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के लिए नुकसान का विवरण जुटाया जा रहा है। तरबगंज तहसील के नवाबगंज क्षेत्र में किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। यहां बीते तीन दिनों से नदी की कटान जारी है, जिससे किसानों की धान और गन्ने की फसल प्रभावित हो रही है। गोंडा बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर कुछ बढ़ा है, लेकिन फिलहाल कोई गांव पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्योन्दा माझा गांव का निचला हिस्सा आंशिक रूप से बाढ़ से प्रभावित है। विभाग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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गोंडा में फिर बढ़ने लगा घाघरा नदी का जलस्तर:खतरे के निशान से 81 सेंटीमीटर नीचे बह रही, 8 सेमी बढ़ा पानी