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प्रतापगढ़ में पुलिस और सरकारी वकीलों की अच्छी पैरवी के कारण एक दोषी को पांच साल की सख्त जेल की सजा सुनाई गई है। यह फैसला ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत रानीगंज थाने के 2022 के एक मामले में आया है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी अजय कुमार यादव पर कुल 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अजय भदौरा, थाना पट्टी का रहने वाला है। अजय कुमार यादव के खिलाफ रानीगंज थाने में गैर इरादतन हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद, पुलिस ने 19 अक्टूबर 2022 को कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। प्रतापगढ़ के जिला एवं सत्र न्यायालय ने 19 सितंबर 2026 को इस मामले की सुनवाई पूरी की और अजय को दोषी पाया। अदालत ने उसे पांच साल की सख्त जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा, अलग-अलग धाराओं में दो-दो साल की जेल और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की दो सजाएं और दो साल की जेल के साथ दो हजार रुपये जुर्माने की एक और सजा भी दी गई। पुलिस के मुताबिक, वैज्ञानिक तरीके से की गई जांच, सबूत जुटाने और सरकारी वकीलों की अच्छी पैरवी की वजह से दोषी को सजा मिल पाई। इस मामले में सरकारी वकील योगेश शर्मा, एडीजीसी काशीनाथ तिवारी, एडीजीसी विक्रम सिंह, जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर हरेंद्र कुमार यादव और रानीगंज थाने के पैरवी करने वाले सिपाही रामचरण की भूमिका अहम रही।
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गैर इरादतन हत्या के आरोपी को 5 साल जेल:प्रतापगढ़ कोर्ट ने सुनाया फैसला, 22 हजार जुर्माना भी लगाया