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गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में महायोगी गुरु गोरखनाथ का विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मंदिर परिसर में स्थित अन्य देव विग्रहों व समाधि स्थलों पर भी पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती के साथ हुआ। पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी दर्शन-पूजन के लिए गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। श्रीराम कथा की होगी पूर्णाहुति सुबह लगभग 9 बजे से महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में 23 जुलाई से चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा की पूर्णाहुति होगी। कथा का समापन पूर्वाह्न 11:30 बजे तक होगा। इसके बाद भजन एवं आशीर्वचन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ श्रद्धालुओं और शिष्यों को संबोधित करेंगे तथा आशीर्वाद प्रदान करेंगे। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के तहत दोपहर 12:30 बजे से सहभोज एवं भंडारे का आयोजन किया गया है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संतों और भक्तों के शामिल होने की संभावना है। गोरक्षपीठ और गुरु परंपरा का विशेष संबंध गोरक्षपीठ में गुरु पूर्णिमा का पर्व विशेष महत्व रखता है। नाथपंथ मूल रूप से गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित है और इसी कारण गोरक्षपीठ को इस परंपरा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। नाथ संप्रदाय में गुरु को आध्यात्मिक मार्गदर्शक और लोककल्याण का प्रेरणास्रोत माना जाता है। गुरु परंपरा को आगे बढ़ाने में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज, ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज और वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शिक्षा, चिकित्सा, योग और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में गोरक्षपीठ के विभिन्न प्रकल्प इसी परंपरा की निरंतरता का उदाहरण हैं। गुरु पूर्णिमा महोत्सव का कार्यक्रम
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गुरु पूर्णिमा पर योगी ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की:7 दिवसीय श्रीराम कथा की होगी पूर्णाहूति, दोपहर 12:30 बजे भंडारा होगा