गुरुग्राम मेदांता से सोनम वांगचुक का नया VIDEO:बोले- आज अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहा हूं, राजघाट जाकर गांधी जी को श्रद्धांजलि दूंगा


गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता और आंदोलनकारी सोनम वांगचुक ने सोमवार सुबह नया वीडियो जारी किया। वीडियो में सोनम वांगचुक ने कहा- मुझे हॉस्पिटल से आज छुट्टी मिल रही है। थोड़ी देर में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट जाऊंगा। वांगचुक ने आगे कहा- सारे काम पूरे करके अब मैं फिर पहाड़ों पर वापस आ जाऊंगा। आप सभी का धन्यवाद और मेदांता हॉस्पिटल गुड़गांव के डॉक्टरों और स्टाफ की शानदार टीम को बहुत-बहुत धन्यवाद। बता दें कि वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम उनकी अंतिम स्वास्थ्य रिपोर्ट और वाइटल्स की समीक्षा कर रही है। मेदांता सूत्रों के मुताबिक वांगचुक के स्वास्थ्य में अब काफी तेजी से सुधार हुआ है। उनकी सभी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आई हैं और वे पूरी तरह स्वस्थ एवं चलने-फिरने में सक्षम हैं। कुछ देर में वो अस्पताल से निकल सकते हैं। अस्पताल के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुबह से ही मेदांता अस्पताल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान वे भूख हड़ताल पर चले गए थे। जिसके बाद उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, उसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की थी सोनम वांगचुक इस आंदोलन से 28 जून को जुड़े, जब उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। अस्पताल से वांगचुक ने 4 VIDEO जारी किए लद्दाख से जुड़ी मांग को लेकर भी अनशन कर चुके वांगचुक यह सोनम वांगचुक का पहला अनशन नहीं था। इससे पहले उन्होंने मार्च 2024 में लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने, पूर्ण राज्य का दर्जा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर 21 दिन की भूख हड़ताल की थी। इसके बाद सितंबर 2024 में वे ‘दिल्ली चलो पदयात्रा’ लेकर निकले, लेकिन दिल्ली सीमा पर हिरासत में ले लिए गए। 2025 में लद्दाख में आंदोलन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद प्रशासन ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया था। बाद में मार्च 2026 में केंद्र सरकार ने NSA के तहत उनकी नजरबंदी का आदेश वापस ले लिया और उन्हें रिहा कर दिया। अब उन्होंने NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार की मांग को लेकर 26 दिन तक अनशन किया, जिसे सरकार से तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त किया।

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