गाजीपुर के कॉलेजों को इंटरमीडिएट छात्रों से संपर्क का निर्देश:छात्र संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलेगा


उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर गाजीपुर के राजकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह पहल उच्च शिक्षा निदेशक द्वारा जारी आदेश के तहत की जा रही है। आदेश के अनुसार, सभी कॉलेजों को अपने 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इंटर कॉलेजों से संपर्क करना होगा। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालयों में प्रवेश लेने हेतु प्रेरित करना है। यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट का परिणाम 28 और 29 अप्रैल को संभावित है। इसे देखते हुए महाविद्यालयों ने अभी से इस अभियान की तैयारियां शुरू कर दी हैं। गाजीपुर राजकीय महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनिता कुमारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार यह अभियान मई महीने से शुरू होगा। इसके तहत कॉलेज की टीमें आसपास के इंटर कॉलेजों का दौरा करेंगी। इन दौरों के दौरान छात्रों को महाविद्यालय की सुविधाओं और विभिन्न पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। यह जानकारी बैनर, व्याख्यान और पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदान की जाएगी।

सीटें खाली रहने की स्थिति और आंकड़े

महाविद्यालय में एडमिशन के गिरते ग्राफ का अंदाजा पिछले सत्र के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। सत्र 2025-26 में स्नातक स्तर पर 897 सीटों के सापेक्ष 693 प्रवेश हुए, जबकि पीजी स्तर पर 420 सीटों के मुकाबले केवल 239 एडमिशन ही हो सके। बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं, जिसे भरने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।

जरूरत पड़ने पर 33 फीसदी तक बढ़ेंगी सीटें

प्राचार्य डॉ. अनिता कुमारी ने बताया कि यदि अभियान के बाद क्षमता से अधिक छात्र प्रवेश के लिए आते हैं तो सीटें बढ़ाने का प्रावधान भी मौजूद है। इसके लिए विश्वविद्यालय को पत्र भेजा जाएगा, जिसके तहत 33 प्रतिशत तक सीटें बढ़ाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बीएससी में 130 सीटों के सापेक्ष 33 प्रतिशत वृद्धि के बाद 176 छात्रों का प्रवेश लिया गया था, जो महाविद्यालय के इतिहास में रिकॉर्ड रहा।

गिरते एडमिशन का कारण और आगे की रणनीति

प्राचार्य ने एडमिशन घटने का मुख्य कारण क्षेत्र में बढ़ते सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को बताया। नियम के अनुसार 10 किलोमीटर के दायरे में ऐसे कॉलेज नहीं होने चाहिए, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है, जिससे सरकारी कॉलेजों की छात्र संख्या प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा—पहला मई में और दूसरा जुलाई के प्रथम सप्ताह में, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को जोड़कर एडमिशन के गिरते ग्राफ को सुधारा जा सके।

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