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गाजियाबाद के रेड बैंक्विट हॉल में आयोजित जन आक्रोश सम्मेलन में महिलाओं ने 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नारी शक्ति ने विपक्ष को चेतावनी दी कि यदि उनके अधिकारों में बाधा डाली गई, तो 2027 के चुनाव में इसका जवाब दिया जाएगा। सम्मेलन में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष गीता शाक्य मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आजादी के बाद पहली बार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसका उद्देश्य महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करना है। शाक्य ने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी पुरानी सोच और राजनीतिक कारणों से इस कानून को लागू होने से रोकने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून जल्द लागू होगा और महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। पूर्व महापौर आशा शर्मा ने भी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को मिल रहे सम्मान और अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और समय आने पर इसका उचित जवाब देंगी। भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति समाज की नींव है और उनके सम्मान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि समाज और संस्कृति को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। गोयल ने विपक्ष पर महिलाओं के खिलाफ साजिश रचने का आरोप भी लगाया। कार्यक्रम का संचालन चौधरी शीतल देओल और डॉ. रिचा भदौरिया ने किया। इस दौरान 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। सम्मेलन के समापन पर महिला शक्ति ने विपक्ष का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
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गाजियाबाद में महिलाओं का 33% आरक्षण पर प्रदर्शन:विपक्ष को 2027 के चुनाव में जवाब देने की चेतावनी