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गाजियाबाद के जिला अस्पताल MMG में शनिवार को मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर जमकर बखेड़ा हुआ। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा। अस्पताल परिसर में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सभी चिकित्साधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए। हड़ताल के चलते अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं और मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेडिकल स्टॉफ के साथ हुई मारपीट जिला अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों का आरोप है कि अस्पताल में लगातार मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट और हमले की घटनाएं हो रही हैं । 3 दिन पहले भी नर्सिंग स्टाफ के साथ मरीज के परिजनों ने मारपीट की थी, महिला स्टाफ से भी बदसलूकी की गई। लेकिन पुलिस समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। 8 जुलाई को महिला स्टाफ के साथ मारपीट की घटना में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। पूर्व में भी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी पर चाकू से हमला कर जान से मारने का प्रयास किया गया, लेकिन उस मामले में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की शनिवार को मेडिकल स्टाफ ने कामकाज बंद कर हड़ताल शुरू कर दी और आरोपियों की गिरफ्तारी व अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई। जहां जमकर हंगामा हुआ।हड़ताल की सूचना मिलने पर एसीपी उपासना पांडे SHO कोतवाली सचिन बालियान जिला अस्पताल पहुंचे। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, पुलिस अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ के बीच वार्ता हुई। ACP उपासना पांडे ने कहा 8 जुलाई की मारपीट के मामले केस दर्ज किया गया। पुलिस आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है, प्रोटेक्शन से संबंधित गंभीर धाराओं में भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा 10 जुलाई को इमरजेंसी स्टाफ पर हुए चाकू से हमले के मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया। पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त की। वहीं अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं दोबारा सामान्य रूप से शुरू हो गईं।
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गाजियाबाद जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा ठप्प:नर्सिंग स्टाफ के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी