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सीतापुर में किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए डीएम राजा गणपति आर. ने मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे विकासखंड कसमंडा में उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खाद के भंडारण, उपलब्धता, बिक्री व्यवस्था और किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक मिलने की स्थिति की जांच की। एक सहकारी समिति पर उर्वरकों का रख-रखाव ठीक नहीं मिलने पर समिति के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने सबसे पहले मैसर्स साधन सहकारी समिति लिमिटेड, कसमंडा का निरीक्षण किया। यहां उर्वरकों का रख-रखाव मानकों के अनुरूप नहीं मिला। इस पर उन्होंने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता को समिति के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने मौके पर मौजूद किसानों से भी बातचीत कर खाद की उपलब्धता और वितरण के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि उन्हें यूरिया और अन्य उर्वरक निर्धारित दर पर मिल रहे हैं। इसके बाद डीएम ने मैसर्स श्रेष्ठ इंडिया कंपनी, भंडिया का निरीक्षण किया। यहां पॉस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक का मौके पर मौजूद खाद से मिलान किया गया, जो सही पाया गया। प्रतिष्ठान पर 663 बोरी यूरिया उपलब्ध मिली। बिक्री रजिस्टर में दर्ज किसान नेकराम से फोन पर बात कर डीएम ने खाद मिलने की पुष्टि की। किसान ने बताया कि उसे 270 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया मिली है। डीएम ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों की फार्मर आईडी का सत्यापन कर उनकी फसल की संस्तुत मात्रा के अनुसार ही उर्वरक वितरित किया जाए। बिक्री पंजिका में किसान का विवरण दर्ज करने, उर्वरक की दर और अनुदान का स्पष्ट बैनर लगाने तथा उपलब्ध स्टॉक का विवरण डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। किसानों को कैश रसीद देना भी अनिवार्य किया गया है। प्रशासन के अनुसार जिले में 1,097 प्रतिष्ठानों पर 1,45,423 बोरी यूरिया, 575 प्रतिष्ठानों पर 66,460 बोरी डीएपी और 849 प्रतिष्ठानों पर 1,13,760 बोरी एनपीके उपलब्ध है।
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खाद के रखरखाव में कमी मिलने पर सचिव को नोटिस:डीएम ने किया औचक निरीक्षण, किसानों से बातचीत कर जानी स्थिति