'कोठी में बहन की लाश..बाहर पुलिस चाय पी रही थी':चंडीगढ़ में भाई बोला- पहले तबीयत खराब बताई, अचानक डेडबॉडी ले आए, चेहरा नहीं दिखाया


कोठी के अंदर बहन की लाश पड़ी थी, बाहर पुलिसकर्मी चाय पी रहे थे…मैं सिर्फ एक बार उसका चेहरा देखना चाहता था, लेकिन मुझे मिलने तक नहीं दिया गया। ये कहना है चंडीगढ़ में रिटायर्ड IPS की कोठी में मृत मिली युवती पप्पी के भाई राहुल का। राहुल ने बताया कि वह सेक्टर-10 स्थित कोठी पर सबसे पहले पहुंचा था। उस वक्त करीब सुबह 8:30 बजे का समय था। कोठी के बाहर चार पुलिसकर्मी बैठे हुए थे, उन्होंने मुझे कहा कि बैठो और चाय पी लो। राहुल ने बताया कि वह जानना चाहता था कि आखिर उसकी बहन को हुआ क्या है। उन्हें फोन कर कहा गया था कि आप यहां आ जाइए, आपकी बहन की तबीयत खराब है। उन्हें नहीं पता था कि अंदर उनकी बहन की लाश पड़ी है। जब उसने अंदर जाने के लिए कहा तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। कुछ ही मिनट बाद कुछ पुलिसकर्मी अंदर से डेडबॉडी लेकर आए, जिसे देखकर वह एकदम चौंक गए। राहुल ने अपनी बहन से मिलने के लिए कहा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया और तुरंत बॉडी को अस्पताल ले गए। पता होता आखिरी बात है, उसी रात बेटी को ले आता- पिता मृतका पप्पी के पिता नेक राम ने कहा- आखिरी बार मेरी बेटी पप्पी से सिर्फ 10 सेकेंड बात हुई थी। उसने इतना ही कहा था कि यहां काम बहुत ज्यादा है, मेरा मन भी नहीं लगता। सुबह जल्दी उठना है, इसलिए ज्यादा बात नहीं कर सकती। इतना कहकर उसने फोन काट दिया। मुझे क्या पता था कि यही उसकी आखिरी आवाज होगी। अगर मुझे जरा भी एहसास होता कि मेरी बेटी से यह आखिरी बातचीत है, तो मैं उसी रात उसे लेने चला जाता। शायद आज मेरी बेटी हमारे बीच होती। अब यही बात बार-बार याद आती है और मन को कचोटती है। मुझे पूरा शक है कि मेरी बेटी की साजिश के तहत हत्या की गई है। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थी पप्पी पिता नेक राम ने कहा कि पांच भाई-बहनों में पप्पी सबसे छोटी थी। इसलिए वह माता-पिता के साथ-साथ अपने दोनों भाइयों और दोनों बहनों की भी लाडली थी। घर की मजबूरियों के कारण वह सिर्फ पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ पाई थी। उसका सपना था कि वह कुछ पैसे कमा कर घर की मदद करे। इसी वजह से उसने 12 हजार रुपए महीने की नौकरी शुरू की थी। उन्होंने कहा कि पप्पी करीब एक महीने पहले ही नौकरी की तलाश में उत्तर प्रदेश के हरदोई से चंडीगढ़ आई थी। वह पहले नाबालिग थी और कुछ दिन पहले ही 18 साल की हुई थी। करीब एक सप्ताह पहले ही उसने इस कोठी में नौकरी शुरू की थी। कोठी में पहले भी नौकरानी की मौत हुई पिता ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि पप्पी ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या की है, लेकिन ऐसा नहीं है, उसकी हत्या की गई। उनका आरोप है कि वह आत्महत्या नहीं कर सकती थी और कोठी के मालिकों की तरफ से उसकी हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले इसी कोठी में एक और नौकरानी की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। कोठी के मालिक अपने यहां काम करने वाली नौकरानियों को परेशान करते हैं और जब कोई आवाज उठाता है, तो उसकी इसी तरह से हत्या कर दी जाती है। अब 2 पॉइंट में पूरा मामला जानिए *************** ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़- रिटायर्ड IPS की कोठी में मिली युवती की लाश: मरने से पहले बहन को फोन पर कहा- मन नहीं लग रहा, यहां लोग परेशान कर रहे चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित एक कोठी में 18 वर्षीय एक युवती का शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला। यह कोठी गुजरात पुलिस विभाग से रिटायर IPS अधिकारी गुरिंदर सिंह की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। (पढ़ें पूरी खबर)

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