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कन्नौज में अफसरों ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर अधिकांश कोचिंग और लाइब्रेरी बन्द करवा दीं। फायर सेफ्टी सिस्टम लगवाकर एनओसी लेने के बाद ही लाइब्रेरी खोलने के निर्देश दिए। जिसके खिलाफ कोचिंग और लाइब्रेरी संचालक लामबंद होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए कोचिंग और लाइब्रेरी खोलने की मोहलत मांगी। लखनऊ की एक बिल्डिंग में आग लगने से 15 युवाओं की मौत के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। अफसरों की टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में छापेमारी की और फायर सेफ्टी सिस्टम न होने की बात कहते हुए अधिकांश कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी बन्द करवा दीं। ऐसे में परीक्षाओं व कम्पटीशन की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों और छात्रों के सामने परेशानी उत्पन्न हो गई। जिसको ध्यान में रखते हुए मंगलवार को 11 बजे कोचिंग और लाइब्रेरी संचालक लामबंद होकर कलक्ट्रेट पहुंच गए। यहां उन्होंने एसडीएम न्यायिक रेशमा सहाय को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद उनके प्रतिनिधि मंडल ने डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री से मुलाकात की और अपनी बात रखी। कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों की समस्या को देखते हुए सीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने जिला विद्यालय निरीक्षण पप्पू सरोज से फोन पर बात की और उन्हें गाइडलाइन जारी करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सजल गुप्ता, प्रिया पटेल, विकास कुमार, अमित राजपूत, रामबाबू, अभिषेक कुमार, संजीव यादव, आदर्श पांडेय, योगेश राजपूत, जागेंद्र, अजीत राजपूत, अरविंद राजपूत, जसवंत राजपूत, आलोक, आकाश शुक्ला समेत कई लोग मौजूद रहे। ये हैं प्रमुख मांगे- कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों ने मांग की कि वह लोग छोटे स्तर पर कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी चला रहे हैं। इनमें से अधिकांश लोग किराए की बिल्डिंग में कोचिंग पढ़ा रहे हैं और लाइब्रेरी भी किराए की बिल्डिंग में चला रहे हैं। जिस कारण बिल्डिंग में अपने हिसाब से गेट नहीं रखवा सकते। जिस बिल्डिंग के तीन साइड मकान बने हों, वहां दूसरा गेट नहीं रखा जा सकता। इसके अलावा छोटे कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी संचालक फायर सेफ्टी सिस्टम लगवाने और एनओसी लेने का खर्च वहन नहीं कर सकेंगे। ऐसे में 25, 50, 100 सीटों वाले संस्थानों और लाइब्रेरी के लिए अलग से मानक तय किए जाएं, जिनकी प्रक्रिया आसान की जाए।
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कोचिंग-लाइब्रेरी बन्द कराने पर भड़के संचालक:लाइब्रेरी संचालिका बोलीं- अफसर खुद नहीं बता पा रहे गाइडलाइन