कुरुक्षेत्र नहर में डूबे यूपी के छात्र का सुराग नहीं:60 घंटे से ज्यादा बीते, गोताखोर छान चुके 10KM का एरिया, परिवार पहरा लगाए बैठा


हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में नहर में डूबे साल के छात्र रोहित का करीब 60 घंटे से ज्यादा बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा। रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे नहर में डूबे रोहित की तलाश लगातार जारी है। SDRF और गोताखोरों की टीम नहर में करीब 10 किलोमीटर हिस्से की तलाशी ले चुकी है। सोमवार सुबह भी गोताखोर प्रगट सिंह की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम नहर के बहाव वाले हिस्सों में लगातार तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि जब तक रोहित का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। रातभर करते रहे इंतजार रोहित के परिजन पिछले 3 दिनों से नहर के किनारे ही डटे हुए हैं। उसका मामा राजवीर, अन्य रिश्तेदार और परिवार के लोग रातभर नहर के हेड पर बैठे रहे। किसी भी समय शव मिलने की उम्मीद में परिवार की नजरें लगातार नहर पर टिकी हैं। हर गुजरते घंटे के साथ परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही है। आज बॉडी मिलने की उम्मीद गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में आमतौर पर डूबे हुए व्यक्ति का शव तीन से चार दिन के भीतर गैस बनने के कारण पानी की सतह पर आ जाता है। इसी वजह से आज रोहित का शव मिलने की संभावना ज्यादा है। टीम लगातार नहर के अलग-अलग हिस्सों की जांच कर रही है और पूरी कोशिश है कि जल्द से जल्द रोहित को तलाश लिया जाए। रविवार को नहाने उतरा रविवार सुबह रोहित अपने मामा राजवीर के साथ कुरुक्षेत्र आया था। वापसी के दौरान मिर्जापुर पुल के पास कुछ बच्चों को नहर में नहाते देखकर वह भी रुक गया। उसने मामा से कहा कि उसे तैरना आता है और गर्मी ज्यादा है, इसलिए वह नहा लेगा। राजवीर ने पहले उसे मना किया, लेकिन रोहित की जिद के आगे मान गया। जैसे ही वह नहर में उतरा, कुछ ही देर में गहरे पानी और तेज बहाव में फंस गया। मामा ने उसे बचाने के लिए शोर मचाया, लेकिन देखते ही देखते रोहित पानी में बह गया। रोहित यूपी के बदायूं जिले के मानपुर बसोली गांव का रहने वाला था। वह पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। सितंबर में होनी थी शादी परिवार के मुताबिक, कुछ समय पहले ही उसका रिश्ता तय हुआ था और करीब तीन महीने बाद सितंबर में शादी होनी थी। घर में शादी की तैयारियां शुरू होने वाली थीं, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। रोहित गर्मी की छुट्टियां बिताने कुरुक्षेत्र आया हुआ था। घर लौटने की थी तैयारी उसका मामा राजवीर करीब चार महीने पहले खानपुर गांव में आकर राजमिस्त्री का काम करने लगा था। छुट्टियों के दौरान रोहित भी उसके साथ रह रहा था और राजमिस्त्री का काम सीख रहा था। छुट्टियां खत्म होने के बाद उसे वापस बदायूं लौटना था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।

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