किसान सभा ने डीएम को सौंपा ज्ञापन:मथुरा में किसानों की समस्याओं पर देशव्यापी सत्याग्रह जारी


मथुरा में उत्तर प्रदेश किसान सभा और संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन किसानों, मजदूरों और नौजवानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर दिया गया। किसान नेताओं ने बताया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए पहले भी जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर कई ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। किसान सभा ने देशव्यापी सत्याग्रह आंदोलन के तहत आठ प्रमुख मांगें रखीं। इनमें भारत-अमेरिका डील, बीज विधेयक और बिजली विधेयक को वापस लेने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, छाता चीनी मिल को फिर से चालू करने और उसे बेचने के वादे को पूरा करने की मांग भी की गई। ईंधन की दरों में असमानता पर भी सवाल उठाए ज्ञापन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,150 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने और प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर सरकारी खरीद केंद्र स्थापित करने की मांग की गई। किसान नेताओं ने किसानों के सभी कर्ज माफ करने, चार श्रम कोड वापस लेने और पुरानी मनरेगा व्यवस्था को बहाल करने की भी मांग की। असंगठित मजदूरों के लिए 4,200 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन निर्धारित करने की मांग भी इसमें शामिल थी। किसान सभा ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण रोकने और किसानों को डीएपी तथा यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की। इसके अलावा, मथुरा के रिफाइनरी प्रदूषण से प्रभावित लोगों के लिए डीजल, पेट्रोल और सीएनजी पर 35 रुपये प्रति लीटर तथा एलपीजी गैस पर 100 रुपये की छूट देने की मांग उठाई गई। ट्रैक्टर और हवाई जहाज के ईंधन की दरों में असमानता पर भी सवाल उठाया गया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सत्याग्रह के दौरान उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई, तो आंदोलन को तेज करते हुए ‘रेल रोको’, ‘रोड रोको’ और ‘कचहरी जाम’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से किसानों और मजदूरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *