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मैनपुरी में भारतीय किसान क्रांति यूनियन ने किसानों और आमजन की 18 प्रमुख मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन जिलाध्यक्ष बी.के. सिंह बघेल के नेतृत्व में जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा गया। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हुआ, तो किसान आंदोलन तेज किया जाएगा। ज्ञापन में किसानों की सबसे प्रमुख मांग फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी रही। इसके अतिरिक्त, किसान कर्ज माफी, सिंचाई व्यवस्था में सुधार और नहरों में समय पर पानी छोड़ने की मांग भी की गई। आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान पर भी चिंता जताई गई और आरोप लगाया गया कि प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। यूनियन ने भू-राजस्व मामलों में देरी और भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठाए। संगठन ने नामांतरण, सीमांकन और पैमाइश जैसे मामलों के समयबद्ध निस्तारण की मांग की। लेखपालों पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाते हुए, यूनियन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं अन्य प्रमुख मांगों में बिजली की कम वोल्टेज और कटौती, गन्ना किसानों के भुगतान में देरी, खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना और राशन डीलरों द्वारा कम तौल की शिकायतें शामिल थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़कों, जलभराव, गंदगी और अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पर सवाल उठाए गए। संगठन ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था को नियमित और निशुल्क करने, साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की मांग की। जून माह में हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ट्रेनों में अतिरिक्त बोगियां लगाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। जिलाध्यक्ष बी.के. सिंह बघेल ने कहा कि भारतीय किसान क्रांति यूनियन सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर जनहित और किसान हित में काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान है। बघेल ने यह भी कहा कि जहां भी किसानों और आमजन के साथ अन्याय होगा, संगठन मजबूती से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
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किसान क्रांति यूनियन ने किसानों की समस्याएं उठाई:मैनपुरी में 18 मांगें डीएम के सामने रखीं, बिजली-पानी समेत कई मुद्दे उठाए