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कानपुर में बारिश के बाद सड़कों की बदहाली को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। शहर में जगह-जगह बने गड्ढों और जलभराव को लेकर नेता, व्यापारी और आम लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस और सपा ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि बारिश के बाद कानपुर की सड़कों की हालत और खराब हो गई है। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हैं और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान गड्ढों और जलभराव में उतरकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर रहें हैं। अब पढ़िए सपा और कांग्रेस नेता ने जो कहा ‘कानपुर नगर निगम नहीं, नरक निगम’
सपा के प्रदेश सचिव आशीष चौबे ने कहा कि “कानपुर नगर निगम का असली नाम कानपुर नरक निगम हो गया है। यह समझ में नहीं आता कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जलभराव और गड्ढों के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। विपक्ष के नेता गड्ढों में उतरकर सरकार को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि शहर में किस स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। यह जनता के टैक्स का पैसा है और इसकी जिम्मेदारी और जवाबदेही सरकार की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की हालत ऐसी है कि कई नेताओं ने तो उनकी बात न सुनी जाने की बात भी बीते दिनों कही थी। जब सवाल किया गया कि नेताओं को गड्ढों में उतरकर प्रदर्शन क्यों करना पड़ रहा है और क्या अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे, तो नेता ने कहा कि अधिकारी भी इस व्यवस्था में जिम्मेदार हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि “मिल-बांटकर बड़े स्तर पर बंदरबांट हो रही है।” विपक्ष लगातार सरकार और जनता को शहर की स्थिति से अवगत करा रहा है। ‘जनता के टैक्स का पैसा है, जवाब देना पड़ेगा’
आशीष ने कहा कि सरकार को जनता के पैसे का हिसाब देना होगा। जनता बदहाल सड़क व्यवस्था से परेशान है तो वो सवाल जरूर उठाएगी। विपक्ष भी अपना काम कर रहा है, जनता के लिए सड़क पर उतरकर आवाज उठाने का काम कर रहा है। सड़क, जलभराव और जाम से लोग परेशान
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष नौशाद आलम मंसूर ने कहा कि प्रदेश और केंद्र के साथ ही कानपुर नगर निकाय में भी भाजपा की सरकार होने के बावजूद शहर की स्थिति खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की ज्यादातर सड़कों पर गड्ढे, जलभराव और जाम की समस्या है। इससे दोपहिया वाहन सवारों के गिरने और घायल होने की घटनाएं हो रही हैं। उनका दावा है कि गड्ढों और सड़क की खराब स्थिति से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को भी परेशानी हो रही है।
नेता ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी पत्नी एक दिन बच्चों को लेने स्कूल गई थीं। जलभराव के दौरान सड़क पर मौजूद गड्ढा दिखाई नहीं दिया और वह गिर गईं, जिससे उनके पैर में चोट लग गई। ‘स्मार्ट सिटी का सपना कहां गया?’
विपक्ष ने कानपुर को स्मार्ट सिटी बनाए जाने के दावों पर भी सवाल उठाए। नेता ने कहा कि शहर में गाड़ी चलाना तो दूर, कई जगह पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों को छोटा और फुटपाथ को चौड़ा किया जा रहा है। उनका कहना है कि फुटपाथ पर निजी दुकानों और अन्य गतिविधियों के जरिए वसूली का रास्ता बनाया जा रहा है। गड्ढों में उतरना विपक्ष का प्रतीकात्मक प्रदर्शन
नेताओं के गड्ढों और पानी में उतरकर प्रदर्शन करने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने इसे प्रतीकात्मक विरोध बताया। उन्होंने कहा कि कभी पानी में नाव चलाकर तो कभी गड्ढों में उतरकर प्रदर्शन इसलिए किया जा रहा है, ताकि सरकार और अधिकारियों की आंखें खुलें और उन्हें शहर की वास्तविक स्थिति दिखाई दे।
उन्होंने सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के जनप्रतिनिधियों से शहर की समस्या को गंभीरता से लेने की बात कही।
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कानपुर में बदहाल सड़क पर कांग्रेस और सपा का हमला:बोले- सड़क पर गड्ढे नहीं, गड्डों में सड़क है, जनता के टैक्स का पैसा है, जवाब जरूर मांगेगी