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कन्नौज सदर सीट से भाजपा विधायक और यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण का कहना है कि मैं अपने काम को 10 में 8 नंबर दूंगा। अभी सिस्टम को मजबूत करना बाकी है। पूरे जिले में नई सड़कें बनवाई हैं। 100 प्रतिशत बुजुर्गों को पेंशन दिलवाई है। भ्रष्टाचार पर सबसे बड़ा एक्शन लिया है। भास्कर रिपोर्ट ने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से खास बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल : 4 साल के कार्यकाल में विकास कार्यों के लिए खुद को कितने नंबर देंगे? जवाब: मैं अपने आप को 10 में से 8 नंबर दूंगा। 8 नंबर इसलिए क्योंकि सुधार का हमेशा स्कोप होता है। मैं अपने काम से संतुष्ट हूं, लेकिन और बेहतर करने का अवसर हमेशा मौजूद रहता है। दो नंबर इसलिए काटे हैं क्योंकि सिस्टम को और मजबूत करना बाकी है। कन्नौज में कमांड सेंटर बनाया गया, राशन एक-एक दाना सही जगह पहुंचे, गौवंश संरक्षण में सफलता मिली। लेकिन कुछ काम अभी आटो पायलट में डालना बाकी है। सवाल : आपके कार्यकाल का सबसे बड़ा काम क्या रहा? जवाब: कन्नौज में कई काम हुए। रोमा मंच का निर्माण हुआ और योगी जी ने इसका बजट दिया। कन्नौज की सारी सड़कों का नवीनीकरण हुआ। सबसे संतोषजनक काम वृद्धावस्था पेंशन का 100 प्रतिशत वितरण है। करीब 16 हजार नए पेंशनर जोड़े गए। अब शायद ही कोई बुजुर्ग बचा हो जिसे पेंशन न मिली हो। यही वृद्धजन मुझे समाज कल्याण मंत्री बनाने के लिए आशीर्वाद देते हैं। समाज कल्याण मंत्री के रूप में मैंने कन्नौज और पूरे यूपी में यह काम अच्छे से किया। सवाल : कोई काम ऐसा जो अभी तक नहीं कर पाए? जवाब: कई काम अभी बाकी हैं। मेरी प्राथमिकता भ्रष्टाचार को खत्म करना है। अधिकारियों के साथ कार्रवाई की। परिणामस्वरूप अब किसी भी टेंडर का 30 प्रतिशत ही बिल खर्च होता है।
लेकिन काम की क्वालिटी और मजबूती को और मजबूत बनाना है। यह काम अगले एक साल में पूरा होगा। सवाल: चुनाव में फिर टिकट की दावेदारी करेंगे? जवाब: भाजपा की परंपरा है कि प्रत्याशी हमारा कमल होता है। कमल किसके चेहरे पर होगा, यह संगठन तय करता है। जिसको पार्टी चेहरा बनाएगी, मैं चुनाव लड़ाऊंगा। सवाल : आरोप हैं कि आप एससी/एसटी को ज्यादा तवज्जो देते हैं और दूसरों पर मुकदमा जल्दी लगवा देते हैं? जवाब: एससी/एसटी के मुकदमे लोगों की थाने में शिकायत पर दर्ज होते हैं। कोई भी तीन ऐसे मुकदमे नहीं बता सकता जो मैंने लिखवाए हों। मैंने आंकड़े मंगवाए और देखा कि जब से मैं विधायक बना हूं, पंजीकृत मुकदमों की संख्या घट गई। ये आरोप पूरी तरह मिथ्या हैं। सवाल: भ्रष्टाचार रोकने को लेकर क्या किया? जवाब: भ्रष्टाचार दो तरह का होता है। एक राशन और शिक्षक वितरण में गड़बड़ी, दूसरा टेंडर से जुड़ा। मैंने आदेश दिया कि 1 लाख से ऊपर का टेंडर केवल ऑनलाइन होगा। परिणामस्वरूप सभी टेंडर 30 प्रतिशत से कम में आए गए। ठेके निरस्त किए गए, पैसे जब्त किए गए और ठेकेदार ब्लैकलिस्ट किए गए। सिस्टम मजबूत करके और चोरों को जेल में डालकर भ्रष्टाचार को जीरो करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसे मैं और बढ़ाऊंगा। यही जनता चाहती है और यही देश के लिए अच्छा है।
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कन्नौज के सभी बुजुर्गों को पेंशन दिलाई:समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण बोले–सिस्टम को मजबूत करना बाकी, केस कराने के आरोप झूठे